Airtel ने लॉन्च किया AI आधारित Fraud Alert System जो बैंक OTP स्कैम को रियल-टाइम में पहचानकर यूजर्स को चेतावनी देगा। जानें कैसे काम करता है यह नया सुरक्षा फीचर।
Airtel का नया AI-आधारित Fraud Alert System: बैंक OTP धोखाधड़ी से सुरक्षा का तकनीकी कवच
भारत में डिजिटल वॉलेट्स, बैंकिंग ऐप्स और UPI लेनदेन की बढ़ती लोकप्रियता के साथ साइबर फ्रॉड और OTP-आधारित बैंक धोखाधड़ियाँ भी तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में टेलिकॉम कंपनियां भी अब सुरक्षा तकनीकों में AI (Artificial Intelligence) का उपयोग कर गंभीर रूप से प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान पेश कर रही हैं। इसी कड़ी में Bharti Airtel ने एक नया AI-आधारित Fraud Alert System लॉन्च किया है, जो OTP-आधारित बैंकिंग फ्रॉड को रियल-टाइम में पहचानकर उपयोगकर्ताओं को समय पर चेतावनी देगा।
क्या है Fraud Alert System?
Airtel का Fraud Alert System एक नेटवर्क-लेवल सुरक्षा सुविधा है जो AI-बेस्ड मशीन लर्निंग तकनीकों के जरिए संभावित जोखिम भरे कॉल और संदिग्ध परिस्थितियों (जैसे बैंक OTP आने के दौरान) को पहचानता है। जब सिस्टम को लगता है कि कोई कॉल आपके बैंक OTP से संबंधित फ्रॉड प्रयास हो सकता है, तो यह तुरंत उपयोगकर्ता को चेतावनी देता है ताकि वे OTP साझा करने से पहले सत्यापन कर सकें।
यह फीचर विशेष रूप से उन सोशल इंजीनियरिंग फ्रॉड्स के खिलाफ प्रभावी है जहाँ ठग बैंक OTP मांगकर खातों से पैसे निकालने की कोशिश करते हैं।
सिस्टम कैसे काम करता है?
Airtel का AI मॉडल नेटवर्क-लेयर पर काम करता है:
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यह इनकमिंग कॉल्स और SMS ट्रैफिक को मॉनिटर करता है।
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यदि किसी कॉल के दौरान बैंकिंग OTP निकलती है और कॉल संदिग्ध प्रतीत होती है, तो सिस्टम तुरन्त रेयल-टाइम चेतावनी भेजता है।
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इससे उपयोगकर्ताओं को तुरंत पता चलता है कि OTP साझा करना सुरक्षित नहीं है, और संभावित नुकसान से पहले ही रोकथाम संभव होती है।
यह अनुभव नेटवर्क-आधारित सुरक्षा को आगे बढ़ाता है, क्योंकि यह न केवल ऐप-लेवल, बल्कि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर के अंदर से ही धोखाधड़ी को पहचानने की कोशिश करता है, जिससे धोखाधड़ी रोकने की क्षमता और प्रभावशीलता बढ़ती है।
क्यों जरूरी है यह फीचर?
भारत में डिजिटल बैंकिंग और मोबाइल पेमेंट्स का विस्तार बहुत तेजी से हुआ है, लेकिन इसके साथ OTP-आधारित बैंक फ्रॉड के मामले भी बढ़े हैं।
स्पैम कॉल, नकली ग्राहक सेवा प्रतिनिधि या फर्जी डिलीवरी कर्मचारियों के माध्यम से उपयोगकर्ताओं से OTP मांगकर बैंक खातों से भारी नुकसान किया जाता है। इस प्रकार के सोशल इंजीनियरिंग हमलों से आम उपयोगकर्ता भी आसानी से प्रभावित हो सकते हैं।
कई मामलों में फ्रॉड्स कॉल मर्ज तकनीक या स्पूफिंग का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वह वास्तविक बैंक कॉल जैसा अनुभव देता है और उपयोगकर्ता OTP साझा कर देता है। ऐसे में नेटवर्क-आधारित चेतावनी उपयोगकर्ता के निर्णय लेने की शक्ति बढ़ाती है।
रोलआउट और उपलब्धता
यह नया AI-आधारित Fraud Alert फीचर पहले हरियाणा में लाइव कर दिया गया है और Airtel ने घोषणा की है कि इसे अगले दो हफ्तों में पूरे देश में अपने ग्राहकों के लिए रोल आउट किया जाएगा।
Airtel के सुरक्षा-AI प्रयास की पृष्ठभूमि
Airtel पहले से ही कई AI-आधारित सुरक्षा समाधानों पर काम कर रहा है:
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पिछले साल कंपनी ने नेटवर्क-लेवल AI-बेस्ड स्पैम कॉल और SMS डिटेक्शन सिस्टम लॉन्च किया था, जिसने हजारों स्पैम कॉल्स और संदिग्ध संदेशों को पहचान कर उपयोगकर्ताओं को चेतावनी दी।
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इसके बाद कंपनी ने OTT और सोशल मीडिया लिंक स्कैम डिटेक्शन के लिए भी AI सिस्टम लागू किया, जो संदिग्ध URL और फ्रॉड लिंक को नेटवर्क स्तर पर ब्लॉक करता है।
इन समाधानों के जरिये Airtel एक व्यापक नेटवर्क-आधारित सुरक्षा पारिस्थितिकी (security ecosystem) तैयार कर रहा है, जो उपयोगकर्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।
उपयोगकर्ता के लिए लाभ
यह नया सुरक्षा फीचर आम उपयोगकर्ताओं को कई तरह से फायदा पहुंचाता है:
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रियल-टाइम चेतावनी: रियल-टाइम में सतर्क करता है जब कोई संदिग्ध कॉल में बैंक OTP आता है।
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नेटवर्क-लेवल सुरक्षा: मोबाइल नेटवर्क के स्तर पर ही धोखाधड़ी का पता चलता है, जिससे ऐप टेस्टिंग या फोन-लेवल ऐप पर भरोसा कम करना संभव होता है।
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फ्रॉड रोकथाम: उपयोगकर्ता अनजाने में OTP साझा करने से पहले सावधान हो जाता है, जिससे वित्तीय नुकसान बहुत हद तक रोकने में मदद मिलती है।
इस प्रकार, AI-समर्थित Fraud Alert System अभिनव तकनीक है जो डिजिटल लेनदेन के समय जोखिम को कम करती है।
Bharti Airtel द्वारा पेश किया गया AI-बेस्ड Fraud Alert System तकनीक की दुनिया में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह टेलिकॉम नेटवर्क को सिर्फ कनेक्टिविटी का माध्यम नहीं बल्कि सुरक्षा का एक सक्रिय प्लेटफॉर्म बनाता है। रियल-टाइम चेतावनी देने की क्षमता, नेटवर्क-लेवल निगरानी, और AI-टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से खिलाड़ी OTP-आधारित बैंक फ्रॉड से बचने में सहायक हो सकता है।
डिजिटल फ्रॉड लगातार बदलते रूप ले रहा है, और ऐसे में नेटवर्क-आधारित चेतावनी जैसे समाधान उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। Airtel का यह कदम निश्चित रूप से भारत में डिजिटल सुरक्षा प्रथाओं में एक नया मानक स्थापित कर सकता है।
