CM Shikshak Cashless Chikitsa Yojana 2026: शिक्षकों और उनके परिवार का ₹5 लाख तक का फ्री इलाज! जानें State Health Card का पूरा प्रोसेस

एक शिक्षक (Teacher) राष्ट्र का निर्माता होता है। वह अपना पूरा जीवन बच्चों का भविष्य संवारने और समाज को एक नई दिशा देने में लगा देता है। लेकिन जब उसी शिक्षक या उसके परिवार के किसी सदस्य पर कोई गंभीर बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी (Medical Emergency) आती है, तो जीवन भर की जमा-पूंजी एक झटके में खत्म हो जाती है। पहले शिक्षकों को इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता था और फिर बिल पास कराने के लिए महीनों सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे।

शिक्षकों की इसी सबसे बड़ी पीड़ा को दूर करने के लिए राज्य सरकारों (विशेषकर उत्तर प्रदेश सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत) ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना’ (CM Shikshak Cashless Chikitsa Suvidha Yojana) को लागू किया है।

साल 2026 में यह योजना पूरी तरह से डिजिटल और बेहद एडवांस हो चुकी है। अब शिक्षकों को इलाज के लिए अपनी जेब से एक रुपया भी नहीं देना पड़ता। ‘स्टेट हेल्थ कार्ड’ (State Health Card) के ज़रिए वे देश के किसी भी एम्पैनल्ड (Empaneled) प्राइवेट या सरकारी अस्पताल में कैशलेस इलाज करवा सकते हैं।

इस विस्तृत और रिसर्च-आधारित आर्टिकल में, हम शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना 2026 के हर पहलू, इसके लाभ, पात्रता (Eligibility), परिवार के आश्रितों (Dependents) के नियम, और घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना क्या है? (What is Shikshak Cashless Chikitsa Yojana?)

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी, सहायता प्राप्त (Aided) और परिषदीय शिक्षकों (Teachers) के लिए शुरू की गई एक कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और उनके आश्रित परिजनों (Dependents) को बीमारी की स्थिति में बिना किसी आर्थिक बोझ के विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

2026 के नवीनतम अपडेट्स के अनुसार, इस योजना को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) और ABHA (Ayushman Bharat Health Account) के साथ जोड़ दिया गया है। इससे शिक्षकों को एक यूनिक State Health Card जारी किया जाता है। अस्पताल में भर्ती होने पर शिक्षक को सिर्फ अपना यह कार्ड दिखाना होता है, और अस्पताल का सारा बिल सरकार सीधे नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) के पोर्टल के ज़रिए चुका देती है।

योजना की मुख्य विशेषताएं और 2026 के ताज़ा अपडेट्स (Key Features in 2026)

यह योजना शिक्षकों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। समय के साथ इसमें कई बड़े सुधार किए गए हैं:

  1. 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज (प्राइवेट अस्पतालों में): इस योजना के तहत प्रत्येक शिक्षक परिवार को नेटवर्क से जुड़े प्राइवेट अस्पतालों (Private Empaneled Hospitals) में प्रति वर्ष ₹5,00,000 (5 लाख रुपये) तक का कैशलेस इलाज मिलता है।

  2. सरकारी अस्पतालों में असीमित (Unlimited) इलाज: यदि शिक्षक या उनके परिजन किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज, एम्स (AIIMS), या ज़िला अस्पताल में इलाज कराते हैं, तो खर्च की कोई ऊपरी सीमा (Upper Limit) नहीं है। सारा खर्च सरकार उठाती है।

  3. पेपरलेस और कैशलेस प्रक्रिया: अब बिल प्रतिपूर्ति (Reimbursement) का झंझट खत्म हो गया है। मरीज को अस्पताल में पैसे जमा करने की ज़रूरत नहीं है; पूरी प्रक्रिया 100% पेपरलेस है।

  4. पोर्टेबिलिटी (Portability): 2026 में, आप अपने राज्य के बाहर भी किसी ऐसे अस्पताल में इलाज करा सकते हैं जो आयुष्मान भारत या सीजीएचएस (CGHS) के तहत एम्पैनल्ड (Empaneled) है।

  5. AI आधारित क्लेम सेटलमेंट: क्लेम पास होने में अब हफ्तों का समय नहीं लगता। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही तुरंत बिल सेटल हो जाता है।

शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के सबसे बड़े लाभ (Top Benefits for Teachers)

इस योजना ने शिक्षकों के जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव (Positive Impact) लाया है। आइए इसके मुख्य लाभों को समझते हैं:

  • आकस्मिक खर्चों से मुक्ति (No Out-of-Pocket Expenditure): हार्ट अटैक, कैंसर, या एक्सीडेंट जैसी अचानक आने वाली बीमारियों में लाखों रुपये का खर्च आता है। यह कार्ड उस वक्त एक ढाल की तरह काम करता है।

  • सम्मानजनक इलाज: अब शिक्षकों को सरकारी अस्पतालों की लंबी लाइनों में लगने की मजबूरी नहीं है। वे देश के बड़े और नामी प्राइवेट कॉर्पोरेट अस्पतालों में भी वीआईपी (VIP) तरीके से अपना इलाज करा सकते हैं।

  • पूरे परिवार की सुरक्षा: इस कार्ड का लाभ सिर्फ शिक्षक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके पूरे परिवार (माता-पिता, जीवनसाथी और बच्चों) को एक ही छतरी के नीचे सुरक्षा प्रदान करता है।

  • पहले से मौजूद बीमारियां (Pre-existing Diseases) कवर: प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों की तरह इसमें कोई वेटिंग पीरियड (Waiting Period) नहीं होता। कार्ड बनते ही पहले दिन से बीपी, शुगर, हार्ट या कैंसर जैसी सभी पुरानी बीमारियां कवर हो जाती हैं।

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ? (Eligibility Criteria)

सरकार ने इस योजना का दायरा बहुत व्यापक रखा है, ताकि शिक्षा विभाग से जुड़ा हर व्यक्ति इसका फायदा ले सके।

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पात्र शिक्षकों की श्रेणियां (Categories of Eligible Teachers):

  1. परिषदीय शिक्षक (Basic Education Teachers): प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत सभी नियमित शिक्षक।

  2. माध्यमिक शिक्षक (Secondary Teachers): राजकीय (Government) और सहायता प्राप्त (Aided) इंटर कॉलेजों के शिक्षक।

  3. उच्च शिक्षा (Higher Education): सरकारी और एडेड डिग्री कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर।

  4. सेवानिवृत्त शिक्षक (Pensioners/Retired Teachers): जो शिक्षक रिटायर हो चुके हैं और पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, वे भी इस योजना का पूर्ण रूप से लाभ ले सकते हैं।

  5. शिक्षणेत्तर कर्मचारी (Non-Teaching Staff): विद्यालयों में कार्यरत क्लर्क, चपरासी और अन्य नियमित कर्मचारी।

परिवार के आश्रितों (Dependents) से जुड़े महत्वपूर्ण नियम

शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की सबसे अच्छी बात इसका फैमिली फ्लोटर (Family Floater) मॉडल है। लेकिन अक्सर लोगों को यह कन्फ्यूजन रहता है कि परिवार में कौन-कौन शामिल होगा। 2026 के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के अनुसार आश्रितों की परिभाषा इस प्रकार है:

आश्रित का प्रकार (Type of Dependent) कवरेज के नियम (Coverage Rules)
पति / पत्नी (Spouse) पूरी तरह से कवर। (यदि दोनों पति-पत्नी सरकारी सेवा में हैं, तो कोई एक ही कार्ड बनवा सकता है जिसमें दोनों का नाम हो)।
पुत्र (Son) 25 वर्ष की आयु तक, या जब तक वह कमाना शुरू न कर दे या उसकी शादी न हो जाए (जो भी पहले हो)। विकलांग पुत्र के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।
अविवाहित पुत्री (Unmarried Daughter) जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती या वह सरकारी/प्राइवेट नौकरी में जाकर आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक कवर रहेगी।
माता-पिता (Parents) यदि माता-पिता की मासिक आय ₹9000 (महंगाई भत्ते को छोड़कर) से कम है और वे पूरी तरह शिक्षक पर आश्रित हैं, तो वे कवर होंगे।
विधवा / तलाकशुदा पुत्री यदि वह पूरी तरह से शिक्षक पिता/माता पर आश्रित है, तो उसे योजना में शामिल किया जाएगा।

(नोट: परिवार के हर सदस्य का नाम कार्ड में जुड़वाने के लिए उनका आधार कार्ड (Aadhaar Card) होना अनिवार्य है और ई-केवाईसी (e-KYC) करानी होगी।)

योजना के तहत कौन-सी बीमारियों और खर्चों को कवर किया जाता है? (What is Covered?)

यह योजना एक व्यापक हेल्थ कवर (Comprehensive Health Cover) प्रदान करती है। इसमें निम्नलिखित खर्चे शामिल होते हैं:

  1. अस्पताल में भर्ती (In-patient Care): कम से कम 24 घंटे अस्पताल में भर्ती होने पर रूम रेंट, नर्सिंग चार्ज, और डॉक्टर की फीस। (कमरे की श्रेणी आपके पे-ग्रेड के अनुसार तय होती है – जनरल वार्ड, सेमी-प्राइवेट, या प्राइवेट रूम)।

  2. डे-केयर उपचार (Day-Care Treatments): मोतियाबिंद (Cataract), कीमोथेरेपी (Chemotherapy), और डायलिसिस (Dialysis) जैसी बीमारियां जिनमें 24 घंटे भर्ती होने की ज़रूरत नहीं होती, वे भी कवर हैं।

  3. भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च (Pre & Post Hospitalization): अस्पताल में भर्ती होने से 30 दिन पहले की जांचें और डिस्चार्ज होने के 15 दिन बाद तक की दवाइयों का खर्च।

  4. सर्जरी और इम्प्लांट्स: स्टेंट डलवाना, घुटना बदलना (Knee Replacement), और पेसमेकर (Pacemaker) जैसी महंगी सर्जरियां।

  5. मातृत्व लाभ (Maternity Benefits): डिलीवरी (नॉर्मल या सिजेरियन) और नवजात शिशु की देखभाल।

आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents for State Health Card)

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले, शिक्षकों को अपने और अपने परिवार के निम्नलिखित दस्तावेज़ (Documents) स्कैन करके तैयार रखने चाहिए:

  • शिक्षक का विवरण: मानव संपदा आईडी (Manav Sampada ID/eHRMS ID) या एम्प्लॉई कोड, सैलरी स्लिप।

  • पहचान प्रमाण: शिक्षक और सभी आश्रितों का आधार कार्ड (Aadhaar Card)। (आधार कार्ड मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य है)।

  • फोटो: सभी सदस्यों की हाल ही में खींची गई पासपोर्ट साइज़ रंगीन फोटो।

  • आश्रित प्रमाण (Dependent Proof): माता-पिता के लिए आय प्रमाण पत्र (Income Certificate) या स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration)।

  • विकलांगता प्रमाण पत्र: यदि परिवार का कोई सदस्य विकलांग (Disabled) है (मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी)।

  • सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी।

State Health Card के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Online Registration 2026)

2026 में स्टेट हेल्थ कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को बहुत आसान और यूजर-फ्रेंडली बना दिया गया है। शिक्षक अपने मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। यहाँ उत्तर प्रदेश (पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना) और अन्य राज्यों के समान पोर्टल का एक स्टैंडर्ड प्रोसेस दिया गया है:

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स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

सबसे पहले राज्य सरकार के स्टेट हेल्थ कार्ड पोर्टल (जैसे UP में secg.up.gov.in या आपके राज्य के संबंधित पोर्टल) पर जाएं।

स्टेप 2: ‘Apply for State Health Card’ पर क्लिक करें

होमपेज पर आपको “Apply Online / Employee Registration” का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें। यहाँ आपको अपना विभाग (Department) चुनना होगा (जैसे – Basic Education, Secondary Education आदि)।

स्टेप 3: डेटा फेचिंग (Data Fetching)

अपना ट्रेजरी कोड (Treasury Code) या मानव संपदा (e-HRMS) आईडी दर्ज करें। सिस्टम आपके डेटाबेस से आपका नाम, पद, जन्मतिथि और वेतनमान (Pay Level) अपने आप (Auto-fetch) ले लेगा।

स्टेप 4: अपनी जानकारी वेरिफाई करें

स्क्रीन पर दिखाई दे रही अपनी जानकारी (जैसे नाम, मोबाइल नंबर) को चेक करें। यदि सब सही है, तो ‘Proceed’ पर क्लिक करें। अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। OTP डालकर वेरीफाई करें।

स्टेप 5: आश्रितों का विवरण जोड़ें (Add Dependents)

यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है। यहाँ आपको “Add Family Member” पर क्लिक करना है। अपने माता, पिता, पति/पत्नी और बच्चों का नाम, उनके साथ आपका रिश्ता (Relation), और उनका आधार नंबर दर्ज करें।

स्टेप 6: ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी करें

प्रत्येक सदस्य का आधार नंबर डालते ही उनके मोबाइल पर आधार (UIDAI) की तरफ से एक OTP जाएगा। इस OTP को दर्ज करके ई-केवाईसी पूरी करें। इससे सदस्य का फोटो और विवरण आधार से सीधे पोर्टल पर आ जाएगा।

स्टेप 7: फाइनल सबमिट (Final Submission)

सभी आश्रितों को जोड़ने और स्व-घोषणा पत्र (Declaration) पर टिक करने के बाद फॉर्म को ‘Submit’ कर दें।

स्टेप 8: कार्ड डाउनलोड (Download Card)

आपका आवेदन संबंधित DDO (Drawing and Disbursing Officer / BSA / DIOS) के पास अप्रूवल के लिए जाएगा। अप्रूवल मिलते ही (आमतौर पर 3 से 7 दिन में), आप पोर्टल पर वापस आकर अपना और अपने परिवार के हर सदस्य का ई-स्टेट हेल्थ कार्ड (e-State Health Card) डाउनलोड कर सकते हैं।

कार्ड का उपयोग कैसे करें? (How to Use Cashless Card in Hospital)

जब आपको या आपके परिवार को अस्पताल की ज़रूरत पड़े, तो कैशलेस सुविधा का लाभ उठाने के लिए इन बातों का पालन करें:

  1. अस्पताल चुनें: पोर्टल या ऐप पर जाकर चेक करें कि आपके शहर में कौन सा प्राइवेट या सरकारी अस्पताल इस योजना (NHA/ABDM) के तहत एम्पैनल्ड है।

  2. आयुष्मान मित्र (Ayushman Mitra) से मिलें: अस्पताल पहुँचने पर सीधे रिसेप्शन या ‘आयुष्मान मित्र’ डेस्क पर जाएं। उन्हें अपना State Health Card या ABHA ID दिखाएं।

  3. बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अस्पताल कर्मचारी कार्ड धारक का अंगूठा लगवाकर या आंखों के स्कैन (Iris scan) से पहचान (Biometric Verification) करेंगे।

  4. भर्ती और इलाज: वेरिफिकेशन होते ही अस्पताल आपका एडमिशन कर लेगा। डॉक्टर आपका इलाज करेंगे और आपके पे-ग्रेड के हिसाब से आपको कमरा (Ward/Room) दिया जाएगा।

  5. कैशलेस डिस्चार्ज: डिस्चार्ज के समय आपको कोई बिल नहीं चुकाना है। अस्पताल सारा बिल पोर्टल पर अपलोड करेगा और सरकार उसका भुगतान करेगी। आपको सिर्फ डिस्चार्ज समरी (Discharge Summary) लेकर घर जाना है।

क्लेम और आवेदन से जुड़ी आम गलतियां (Common Mistakes to Avoid)

कई बार शिक्षकों के कार्ड बनने में देरी होती है या अस्पताल में क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। ऐसी परेशानी से बचने के लिए इन गलतियों से बचें:

  • आधार और मानव संपदा/सर्विस बुक में नाम अलग होना: यह सबसे आम समस्या है। यदि आपके सर्विस रिकॉर्ड (Service Book) में नाम की स्पेलिंग और आधार कार्ड की स्पेलिंग में अंतर है, तो ई-केवाईसी (e-KYC) फेल हो जाएगी। आवेदन करने से पहले दोनों जगह नाम एक जैसा करवाएं।

  • गलत आश्रित की जानकारी देना: यदि आप ऐसे सदस्य को आश्रित (Dependent) दिखाते हैं जो वास्तव में कमा रहा है (जैसे नौकरीपेशा बेटा), तो जांच होने पर आप पर अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) हो सकती है।

  • नॉन-एम्पैनल्ड अस्पताल में जाना: यदि आप इमरजेंसी के अलावा सामान्य इलाज के लिए किसी ऐसे प्राइवेट अस्पताल में चले जाते हैं जो योजना में रजिस्टर्ड नहीं है, तो वहां कैशलेस सुविधा नहीं मिलेगी और बिल का भुगतान (Reimbursement) लेने में भी दिक्कत होगी।

  • समय पर कार्ड न बनवाना: कुछ शिक्षक सोचते हैं कि जब बीमारी आएगी तब कार्ड बनवा लेंगे। इमरजेंसी के समय कार्ड अप्रूव होने में समय लग सकता है। इसलिए अपना और अपने परिवार का कार्ड आज ही बनवाकर रख लें।

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मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना 2026 राज्य के शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम है। यह योजना न केवल शिक्षकों के कंधों से भारी मेडिकल खर्च का बोझ उतारती है, बल्कि उन्हें एक मानसिक शांति (Peace of Mind) भी प्रदान करती है कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।

डिजिटल हेल्थ कार्ड (State Health Card) बनवाना अब बेहद आसान हो गया है। एक शिक्षक के रूप में यह आपका अधिकार है। यदि आपने अभी तक अपना और अपने परिवार का कैशलेस कार्ड नहीं बनवाया है, तो आज ही सभी दस्तावेज़ों को तैयार करें और आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें। आपका यह एक छोटा सा कदम भविष्य में आपके परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच साबित होगा।

(FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. क्या इस योजना के तहत OPD (बाह्य रोगी विभाग) का खर्च कवर होता है?

आमतौर पर, शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में केवल IPD (अस्पताल में 24 घंटे भर्ती होने पर) का खर्च कवर होता है। हालांकि, सरकारी अस्पतालों में OPD की जांचें और दवाइयां कार्ड के ज़रिए मुफ्त प्राप्त की जा सकती हैं। डे-केयर सर्जरी (जैसे मोतियाबिंद) प्राइवेट में कवर होती हैं।

2. अगर इलाज का खर्च ₹5 लाख से ज़्यादा हो जाए, तो क्या होगा?

प्राइवेट अस्पतालों के लिए प्रति वर्ष ₹5 लाख की सीमा (Limit) तय है। यदि किसी गंभीर बीमारी में खर्च 5 लाख से ऊपर जाता है, तो अतिरिक्त राशि का भुगतान शिक्षक को खुद करना पड़ता है। लेकिन यदि वही इलाज किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज या PGI में होता है, तो पूरा खर्च (असीमित) सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

3. क्या पति और पत्नी दोनों शिक्षक हैं, तो दोनों को अलग-अलग ₹5 लाख का लाभ मिलेगा?

नहीं। योजना के नियमानुसार, यदि परिवार में पति और पत्नी दोनों सरकारी सेवा (शिक्षक/कर्मचारी) में हैं, तो कैशलेस कार्ड किसी एक के नाम पर ही बनेगा और दूसरा सदस्य उसमें आश्रित (Dependent/Spouse) के रूप में जुड़ेगा। पूरे परिवार को मिलाकर 5 लाख रुपये की ही वार्षिक लिमिट मिलेगी। हालांकि, दोनों के वेतन से होने वाली मासिक कटौती (Premium deduction) केवल एक ही कर्मचारी के वेतन से होगी।

4. मैं रिटायर हो चुका हूँ (Pensioner), क्या मैं भी State Health Card बनवा सकता हूँ?

हाँ, बिल्कुल। 2026 के अपडेटेड नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्त शिक्षक (Retired Teachers / Pensioners) भी इस कैशलेस चिकित्सा योजना के पूर्ण रूप से पात्र हैं। आप अपने PPO नंबर (Pension Payment Order) और बैंक खाते की जानकारी का उपयोग करके पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

5. अगर कोई प्राइवेट अस्पताल कार्ड लेने से मना कर दे तो क्या करें?

यदि कोई एम्पैनल्ड (Empaneled) प्राइवेट अस्पताल आपका स्टेट हेल्थ कार्ड स्वीकार करने से मना करता है, या आपसे नकद पैसे मांगता है, तो आप तुरंत टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (जैसे 104 या NHA हेल्पलाइन 14555) पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही आप अपने जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) या नोडल अधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं। अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है।

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