आज के समय में युवाओं की सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके पास डिग्रियां तो हैं, लेकिन इंडस्ट्री में काम करने का ‘प्रैक्टिकल अनुभव’ (Practical Experience) नहीं है। जब वे नौकरी मांगने जाते हैं, तो कंपनियां ‘एक्सपीरियंस’ मांगती हैं, और बिना नौकरी के एक्सपीरियंस कैसे मिले? युवाओं की इसी सबसे बड़ी उलझन को सुलझाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने एक मास्टरस्ट्रोक योजना शुरू की है, जिसका नाम है— ‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ (Mukhyamantri Seekho Kamao Yojana – MMSKY)।
वर्ष 2023-24 में शुरू हुई यह योजना 2026 तक आते-आते मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए करियर का सबसे बड़ा लॉन्चपैड (Launchpad) बन चुकी है। इस योजना का सीधा सा मंत्र है: “काम सीखो, और साथ में पैसे भी कमाओ” (Learn and Earn)।
यदि आप मध्य प्रदेश के युवा हैं, आपकी उम्र 18 से 29 वर्ष के बीच है और आप 12वीं, ITI, डिप्लोमा या ग्रेजुएशन पास कर चुके हैं, तो यह विस्तृत गाइड आपके लिए है। इस लेख में, हम MMSKY 2026 के नए नियम, स्टाइपेंड स्ट्रक्चर, और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन (Step-by-Step) की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाएंगे।
1. मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MMSKY) क्या है?
‘मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’ मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी कौशल विकास (Skill Development) योजना है। इसके तहत राज्य के युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार देश-प्रदेश की नामी कंपनियों (Private and Public Sectors) में ‘ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग’ (OJT) यानी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है।
यह कोई साधारण ट्रेनिंग नहीं है। इसमें आपको एक कर्मचारी की तरह ऑफिस या फैक्ट्री में काम सिखाया जाता है, और सबसे बड़ी बात यह है कि इस ट्रेनिंग के दौरान आपको हर महीने ₹8,000 से लेकर ₹10,000 तक का स्टाइपेंड (Stipend/सैलरी) दिया जाता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आपको मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा एक सर्टिफिकेट भी मिलता है, जिसकी मदद से आप उसी कंपनी में या किसी अन्य बड़ी कंपनी में स्थायी नौकरी (Permanent Job) पा सकते हैं।
2. योजना का मुख्य उद्देश्य (Why MP Govt Started This?)
सरकार ने इस योजना को सिर्फ पैसे बांटने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को ‘इंडस्ट्री-रेडी’ (Industry-Ready) बनाने के लिए डिजाइन किया है:
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स्किल्स की कमी को दूर करना: किताबी ज्ञान को प्रैक्टिकल ज्ञान में बदलना।
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आर्थिक सहायता: ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को घर वालों से पैसे न मांगने पड़ें, इसलिए हर महीने स्टाइपेंड देना।
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रोजगार के अवसर बढ़ाना: 2026 के इस प्रतिस्पर्धी दौर में युवाओं को प्राइवेट सेक्टर की बड़ी कंपनियों में एंट्री का सीधा रास्ता (Direct Entry) देना।
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उद्योगों को स्किल्ड मैनपावर देना: कंपनियों को भी ऐसे युवा मिल सकें, जिन्हें वे अपने काम के हिसाब से ढाल सकें।
3. सीखो कमाओ योजना 2026: हर महीने कितना मिलेगा स्टाइपेंड? (Stipend Structure)
योजना के तहत मिलने वाला स्टाइपेंड आपकी पढ़ाई (Education Qualification) पर निर्भर करता है। आपकी डिग्री या सर्टिफिकेट जितना बड़ा होगा, ट्रेनिंग के दौरान मिलने वाला पैसा भी उतना ही ज्यादा होगा।
| आपकी शैक्षणिक योग्यता (Qualification) | प्रतिमाह मिलने वाला स्टाइपेंड (Stipend in ₹) |
| 12वीं पास (12th Pass) | ₹ 8,000 प्रति माह |
| ITI पास (ITI Pass) | ₹ 8,500 प्रति माह |
| डिप्लोमा होल्डर (Polytechnic/Diploma) | ₹ 9,000 प्रति माह |
| ग्रेजुएट (BA, BSc, BCom, BTech आदि) या उच्च शिक्षा | ₹ 10,000 प्रति माह |
नोट (Payment Mechanism): इस स्टाइपेंड का 75% हिस्सा (DBT के माध्यम से) मध्य प्रदेश सरकार सीधे आपके बैंक खाते में भेजती है, और बाकी 25% हिस्सा वह कंपनी (Establishment) देती है, जहाँ आप ट्रेनिंग कर रहे हैं।
4. कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria 2026)
MMSKY के तहत ट्रेनिंग और पैसे पाने के लिए आपको सरकार द्वारा तय की गई कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
पात्र होने के लिए:
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मूल निवासी: युवा को मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
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आयु सीमा (Age Limit): आवेदन के समय युवा की आयु 18 वर्ष से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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शैक्षणिक योग्यता: कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। (इसके ऊपर ITI, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन वाले भी पात्र हैं)।
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बैंक खाता: युवा का खुद के नाम पर बैंक खाता होना चाहिए और वह आधार से लिंक (DBT Enabled) होना चाहिए।
कौन अपात्र है? (Who Cannot Apply?)
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जो छात्र वर्तमान में रेगुलर पढ़ाई (Regular College/School) कर रहे हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं हैं। (प्राइवेट फॉर्म भरने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं)।
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जिनकी सरकारी नौकरी लग चुकी है।
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जो युवा पहले से ही किसी कंपनी में अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) या फुल-टाइम जॉब कर रहे हैं।
5. रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज (Required Documents)
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने से पहले आपके पास निम्नलिखित दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी (PDF/JPG) और जानकारी तैयार होनी चाहिए:
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समग्र आईडी (Samagra ID): यह सबसे जरूरी है। समग्र आईडी का आधार से ई-केवाईसी (e-KYC) होना अनिवार्य है।
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आधार कार्ड (Aadhaar Card)
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शैक्षणिक मार्कशीट: 12वीं, ITI, डिप्लोमा, या ग्रेजुएशन की मार्कशीट (जो भी आपने पास किया हो)।
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चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी: (रजिस्ट्रेशन और ओटीपी के लिए)।
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बैंक पासबुक: (खाते में DBT इनेबल होना बहुत जरूरी है)।
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पासपोर्ट साइज फोटो
6. किन सेक्टर्स/कोर्स में मिल रही है ट्रेनिंग? (Available Sectors)
2026 तक इस योजना के तहत 700 से ज्यादा कोर्सेस जोड़े जा चुके हैं। आप अपनी पसंद और पढ़ाई के हिसाब से कोई भी सेक्टर चुन सकते हैं। कुछ प्रमुख सेक्टर्स हैं:
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IT एवं सॉफ्टवेयर (IT & ITeS): कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री, वेब डिजाइनिंग।
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इंजीनियरिंग एवं मैन्युफैक्चरिंग: मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, फिटर, वेल्डिंग।
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बैंकिंग और फाइनेंस: अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑफिस असिस्टेंट।
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हॉस्पिटैलिटी एवं टूरिज्म: होटल मैनेजमेंट, टूर गाइड।
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हेल्थकेयर (Healthcare): अस्पताल प्रबंधन, लैब टेक्निशियन असिस्टेंट।
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रिटेल एवं मार्केटिंग: सेल्स एग्जीक्यूटिव, डिजिटल मार्केटिंग।
7. सीखो कमाओ योजना 2026: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (Step-by-Step Process)
मध्य प्रदेश सरकार ने आवेदन की प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन, पारदर्शी और निशुल्क रखा है। आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से खुद रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:
स्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmsky.mp.gov.in पर विजिट करें।
स्टेप 2: ‘अभ्यर्थी पंजीयन’ (Candidate Registration) पर क्लिक करें
होमपेज पर सबसे ऊपर दाईं ओर ‘अभ्यर्थी पंजीयन’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
स्टेप 3: निर्देश पढ़ें और समग्र आईडी दर्ज करें
आपके सामने योजना के नियम आएंगे, उन्हें टिक (✓) करके आगे बढ़ें। अब अपनी 9 अंकों की ‘समग्र आईडी’ दर्ज करें। इसके बाद आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा।
स्टेप 4: प्रोफाइल बनाएं
OTP वेरीफाई होते ही समग्र पोर्टल से आपका नाम, पिता का नाम, और जन्मतिथि अपने आप फॉर्म में भर जाएगी। अब आपको अपना ईमेल आईडी (Email ID) डालना होगा। ईमेल पर भी एक OTP आएगा, उसे वेरीफाई करें।
स्टेप 5: लॉग-इन आईडी और पासवर्ड
सफल वेरिफिकेशन के बाद, आपके मोबाइल पर एक SMS आएगा जिसमें आपका User ID और Password लिखा होगा।
स्टेप 6: शैक्षणिक योग्यता और कोर्स का चयन (Login & Complete Profile)
अब वापस होमपेज पर जाकर ‘लॉग-इन’ करें।
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अपनी शैक्षणिक योग्यता (Educational Details) दर्ज करें और मार्कशीट अपलोड करें।
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आपको किस जिले में ट्रेनिंग करनी है और कौन सा काम (Course/Trade) सीखना है, उसका चयन करें (आप अपनी पसंद की कंपनियां और सेक्टर चुन सकते हैं)।
स्टेप 7: फॉर्म सबमिट करें
अंत में सारी जानकारी चेक करके ‘Submit’ पर क्लिक करें। आपका रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया है। इसके बाद आपका रिज्यूमे (Resume) सिस्टम द्वारा जेनरेट हो जाएगा और कंपनियों को दिखने लगेगा।
8. कंपनी कैसे चुनती है और जॉब कैसे मिलेगी? (Selection Process)
रजिस्ट्रेशन के बाद का प्रोसेस इस प्रकार होता है:
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शॉर्टलिस्टिंग (Shortlisting): पोर्टल पर रजिस्टर्ड कंपनियां आपकी प्रोफाइल और चुनी गई योग्यता को देखेंगी। यदि उन्हें आपकी प्रोफाइल अपने काम के लायक लगी, तो वे आपको इंटरव्यू या सीधे जॉइनिंग के लिए शॉर्टलिस्ट करेंगी।
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ऑफर लेटर (Offer / Contract): कंपनी की तरफ से आपको पोर्टल पर ही एक कॉन्ट्रैक्ट ऑफर भेजा जाएगा।
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कॉन्ट्रैक्ट स्वीकार करना: आप अपने लॉग-इन डैशबोर्ड से उस ऑफर को देख सकते हैं। अगर आपको कंपनी और काम पसंद आता है, तो आप उसे ऑनलाइन ‘Accept’ (स्वीकार) कर लें।
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ट्रेनिंग शुरू: इसके बाद आपको तय तारीख पर कंपनी में जाकर अपनी OJT (ट्रेनिंग) शुरू करनी होगी। आपको रोज हाजिरी (Attendance) लगानी होगी, जिसके आधार पर हर महीने आपके खाते में पैसे आएंगे।
9. इन 3 गलतियों से बचें, वरना नहीं आएगा पैसा (Mistakes to Avoid)
कई युवा रजिस्ट्रेशन तो कर लेते हैं, लेकिन छोटी सी भूल के कारण उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है या स्टाइपेंड रुक जाता है:
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DBT इनेबल न होना: यह सबसे बड़ी गलती है। सरकार अपना 75% हिस्सा आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से भेजती है। यदि आपके बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) एक्टिवेट नहीं है, तो पैसा ‘Failed’ हो जाएगा। बैंक जाकर इसे जरूर चेक कराएं।
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समग्र में नाम की स्पेलिंग: आपकी मार्कशीट, आधार कार्ड और समग्र आईडी में आपका नाम और जन्मतिथि बिल्कुल एक जैसी होनी चाहिए। ई-केवाईसी (e-KYC) से पहले इसे सुधरवा लें।
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उपस्थिति (Attendance): ट्रेनिंग के दौरान छुट्टियां मारने से बचें। पोर्टल पर आपकी बायोमेट्रिक या डिजिटल अटेंडेंस दर्ज होती है। यदि हाजिरी कम हुई, तो उस महीने के पैसे काट लिए जाएंगे।
MP Seekho Kamao Yojana 2026 मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए मात्र एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक सुनहरा अवसर है अपने करियर को सही दिशा देने का। ₹10,000 की वित्तीय मदद के साथ बड़े कॉरपोरेट्स (Corporates) और कारखानों में काम सीखने का यह अनुभव, भविष्य में किसी भी बड़ी कंपनी में शानदार पैकेज वाली नौकरी दिलाने की चाबी बन सकता है।
यदि आप घर पर खाली बैठे हैं और सरकारी नौकरी की तैयारी करते-करते थक चुके हैं, तो कुछ नया सीखने और कमाने के लिए तुरंत MMSKY पोर्टल पर जाएं और अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें। खुद को स्किल्ड बनाएं, क्योंकि आज की दुनिया में डिग्री से ज्यादा हुनर (Skill) की कीमत है।
(FAQs)
Q1. मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना (MMSKY) की ट्रेनिंग कितने समय की होती है?
उत्तर: इस योजना के तहत ट्रेनिंग (On-the-Job Training) की अवधि आपके द्वारा चुने गए कोर्स पर निर्भर करती है। सामान्यतः यह ट्रेनिंग 6 महीने से लेकर 1 वर्ष तक की होती है।
Q2. मैं कॉलेज में नियमित (Regular) पढ़ाई कर रहा हूँ, क्या मैं आवेदन कर सकता हूँ?
उत्तर: जी नहीं, योजना के नियमों के अनुसार जो छात्र वर्तमान में किसी भी स्कूल या कॉलेज में रेगुलर (Regular Student) पढ़ाई कर रहे हैं, वे इस योजना के लिए अपात्र हैं। यह योजना उन युवाओं के लिए है जो पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और काम सीखना चाहते हैं। (प्राइवेट पढ़ाई करने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं)।
Q3. क्या ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसी कंपनी में पक्की नौकरी मिल जाएगी?
उत्तर: इसकी पूरी गारंटी नहीं है, लेकिन संभावना बहुत अधिक है। सरकार ने योजना का ढांचा ही ऐसा बनाया है कि कंपनियां युवाओं को अपने काम के हिसाब से तैयार करती हैं। यदि आपका काम कंपनी को पसंद आता है, तो ट्रेनिंग के बाद वे आपको स्थायी कर्मचारी (Permanent Employee) के रूप में रख सकती हैं।
Q4. मेरा बैंक खाता है, लेकिन पैसे नहीं आए, क्या करें?
उत्तर: सरकार स्टाइपेंड का पैसा डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर करती है। यदि आपका खाता सक्रिय है लेकिन DBT (Direct Benefit Transfer) या NPCI से लिंक नहीं है, तो पैसा नहीं आएगा। तुरंत अपनी बैंक शाखा में जाएं और फॉर्म भरकर ‘DBT Enable’ कराएं।
Q5. अगर मुझे ट्रेनिंग पसंद न आए तो क्या मैं बीच में छोड़ सकता हूँ?
उत्तर: हाँ, आप बीच में ट्रेनिंग छोड़ सकते हैं। लेकिन अगर आप कॉन्ट्रैक्ट की अवधि पूरी करने से पहले छोड़ देते हैं, तो आपका स्टाइपेंड उसी दिन से बंद कर दिया जाएगा और आपको मध्य प्रदेश सरकार (MPSSDEGB) द्वारा दिया जाने वाला ‘अनुभव/कौशल प्रमाण पत्र’ (Certificate) नहीं मिलेगा।