“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का!”
मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन (Ujjain) में शिप्रा नदी के पावन तट पर विराजमान श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग (Shri Mahakaleshwar Jyotirlinga) भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह पूरी दुनिया का एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। महाकाल मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण और दुनिया भर के शिव भक्तों का सबसे बड़ा सपना है— ‘महाकाल की भस्म आरती (Mahakal Bhasma Aarti)’ में शामिल होना।
माना जाता है कि भस्म आरती के दिव्य दर्शन मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप कट जाते हैं और इंसान को अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता। हर रोज़ तड़के (ब्रह्म मुहूर्त में) भगवान शिव को जगाने के लिए यह आलौकिक आरती की जाती है।
साल 2026 में, उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हुई है। महाकाल लोक कॉरिडोर (Mahakal Lok Corridor) बनने के बाद से यहाँ रोज़ाना लाखों भक्त आते हैं। ऐसे में भस्म आरती की टिकट पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। मंदिर समिति ने बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और ऑनलाइन कर दिया है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग टिकट बुक करने से चूक जाते हैं।
अगर आप 2026 में बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आ रहे हैं और भस्म आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो यह Bhasma Aarti Online Booking Master Guide आपके लिए ही है। इस विस्तृत लेख में हम ऑनलाइन बुकिंग का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, नए नियम, ड्रेस कोड, टाइमिंग और ‘100% कन्फर्म टिकट पाने के सीक्रेट टिप्स’ पर गहराई से बात करेंगे।
1. भस्म आरती का महत्व और 2026 के नए नियम (Importance & New Rules)
भस्म आरती क्या है?
भस्म आरती भगवान महाकालेश्वर को तड़के 3:00 से 4:00 बजे के बीच जगाने, उन्हें स्नान कराने और उनका शृंगार करने की एक प्राचीन और रहस्यमयी परंपरा है। भगवान शिव को वैरागी माना जाता है, और भस्म (राख) उनका प्रमुख आभूषण है।
आधुनिक समय में यह भस्म चिता की राख नहीं होती, बल्कि महानिर्वाणी अखाड़े के साधुओं द्वारा गाय के गोबर के कंडे, शमी, पीपल, पलाश, बड़, अमलतास और बेर की पवित्र लकड़ियों को जलाकर विशेष मंत्रोच्चार के साथ तैयार की जाती है। जब डमरू और झांझ-मंजीरों की गूंज के बीच शिवलिंग पर भस्म उड़ाई जाती है, तो वह दृश्य इतना अद्भुत होता है कि भक्तों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं और आँखों से भक्ति के आंसू बहने लगते हैं।
2026 में भस्म आरती बुकिंग के नए नियम (New Rules for 2026)
बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने ऑनलाइन व्यवस्था को बहुत सख्त और सुव्यवस्थित कर दिया है:
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30 दिन का नियम: ऑनलाइन बुकिंग आपकी यात्रा की तारीख से ठीक 30 दिन पहले खुलती है।
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बुकिंग का समय: वेबसाइट पर नए दिन का स्लॉट हर रात ठीक 12:00 बजे (Midnight) ओपन होता है।
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लिमिटेशन: एक यूज़र आईडी (मोबाइल नंबर/ईमेल) से आप सीमित संख्या में ही टिकट बुक कर सकते हैं।
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सहयोग राशि (Donation): अब भस्म आरती पूरी तरह से मुफ़्त नहीं है। मंदिर के विकास और सुविधाओं के लिए लगभग ₹200 प्रति श्रद्धालु की सहयोग राशि (Online Payment) अनिवार्य कर दी गई है।
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ब्लैक लिस्टिंग: अगर आप टिकट बुक करते हैं और दर्शन के लिए नहीं पहुँचते हैं, तो आपकी आईडी को भविष्य की बुकिंग्स के लिए ब्लॉक किया जा सकता है।
2. भस्म आरती का समय और दैनिक कार्यक्रम (Bhasma Aarti Timings & Schedule)
भस्म आरती में शामिल होने का मतलब है कि उस रात आपको सोना नहीं है। मंदिर में प्रवेश और आरती की प्रक्रिया बहुत अनुशासित तरीके से होती है। नीचे दी गई टेबल से 2026 के लेटेस्ट शेड्यूल को समझें:
| चरण (Event) | समय (Timings) | महत्वपूर्ण जानकारी (Details) |
| भक्तों की एंट्री (Gate Entry) | रात 1:00 बजे से 2:30 बजे तक | इस समय अपनी ऑनलाइन टिकट (प्रिंटआउट) और ओरिजिनल ID के साथ मंदिर के गेट पर रिपोर्ट करना अनिवार्य है। |
| जल अभिषेक (Jal Abhishek) | रात 3:00 बजे से 3:45 बजे तक | ड्रेस कोड पहने हुए भक्तों को गर्भगृह के द्वार से जल चढ़ाने का अवसर मिलता है (यह भीड़ पर निर्भर करता है)। |
| मुख्य भस्म आरती (Main Aarti) | सुबह 4:00 बजे से 5:00 बजे तक | भगवान शिव का भस्म से शृंगार होता है और आरती की जाती है। |
| दर्शन समाप्ति (Exit) | सुबह 5:30 बजे | आरती समाप्त होने के बाद भक्त बाहर प्रस्थान करते हैं। |
(विशेष नोट: सावन के महीने, महाशिवरात्रि, या नागपंचमी जैसे विशेष पर्वों पर यह समय 1 से 2 घंटे पहले भी शिफ्ट किया जा सकता है। अपनी टिकट पर छपा ‘रिपोर्टिंग टाइम’ ज़रूर चेक करें।)
3. स्टेप-बाय-स्टेप: भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें? (Online Registration Process)
भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया काफी सीधी है, लेकिन इसके लिए आपको बहुत फुर्तीला होना पड़ता है क्योंकि हज़ारों लोग एक ही समय पर टिकट बुक करने की कोशिश कर रहे होते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़ (Documents Required before starting)
बुकिंग शुरू करने से पहले अपने कंप्यूटर/लैपटॉप में ये चीज़ें तैयार रखें:
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सभी श्रद्धालुओं के आधार कार्ड (Aadhaar Card) या कोई वैद्य सरकारी ID (Voter ID, Passport, PAN)।
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सभी की पासपोर्ट साइज़ फोटो (साइज 50kb के अंदर होना चाहिए, .jpg या .jpeg फॉर्मेट में)।
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ID कार्ड की स्कैन कॉपी (साइज 100kb के अंदर)।
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पेमेंट के लिए UPI ID या क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स।
ऑनलाइन बुकिंग के चरण (Steps)
Step 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले श्री महाकालेश्वर मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट shrimahakaleshwar.com पर जाएं। (इंटरनेट पर कई फर्जी वेबसाइट्स मौजूद हैं, उनसे सावधान रहें)।
Step 2: ‘Bhasma Aarti Advance Booking’ चुनें
वेबसाइट के होमपेज पर या मेन्यू बार में आपको ‘Bhasma Aarti’ का सेक्शन मिलेगा। वहाँ ‘Advance Booking’ वाले विकल्प पर क्लिक करें।
Step 3: अपनी तारीख (Date) का चयन करें
आपके सामने एक कैलेंडर खुलेगा।
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हरा (Green): स्लॉट उपलब्ध हैं।
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लाल (Red): स्लॉट फुल हो चुके हैं (Quota Full)।
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नीला/ग्रे (Blue/Grey): बुकिंग अभी नहीं खुली है।
अपनी मनचाही (उपलब्ध) तारीख पर क्लिक करें।
Step 4: आवेदक की जानकारी (Applicant Details) भरें
यहाँ आपको बुकिंग करने वाले व्यक्ति की जानकारी भरनी है (भले ही वह यात्रा कर रहा हो या नहीं):
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पूरा नाम
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मोबाइल नंबर (OTP के लिए चालू नंबर दें)
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ईमेल आईडी
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पूरा पता
Step 5: श्रद्धालुओं की जानकारी और दस्तावेज़ अपलोड करें (Devotee Details)
यह फॉर्म का सबसे अहम हिस्सा है।
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प्रत्येक श्रद्धालु का नाम, उम्र और लिंग भरें।
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ID Proof का प्रकार चुनें और उसका नंबर दर्ज़ करें।
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तैयार रखी गई Photo और ID Scan Copy को ‘Choose File’ पर क्लिक करके अपलोड करें।
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अगर आपके साथ और भी लोग हैं, तो “Add More Devotee” बटन पर क्लिक करके उनकी डिटेल भी इसी तरह भरें।
Step 6: पेमेंट गेटवे (Payment Process)
सबमिट करने के बाद आपको पेमेंट पेज पर ले जाया जाएगा। यहाँ आपको ₹200 प्रति व्यक्ति के हिसाब से कुल राशि का भुगतान करना होगा। तेज़ ट्रांजेक्शन के लिए UPI (QR Code Scan) का उपयोग करना सबसे बेहतर रहता है।
Step 7: कन्फर्मेशन और टिकट डाउनलोड (Download Ticket)
पेमेंट सफल होते ही स्क्रीन पर बुकिंग कन्फर्मेशन आ जाएगा। साथ ही, आपके मोबाइल पर SMS और ईमेल पर PDF टिकट आ जाएगी।
महत्वपूर्ण: उज्जैन जाते समय इस टिकट का हार्ड कॉपी (Printout) निकालकर ज़रूर ले जाएं। मंदिर में मोबाइल स्क्रीन की सॉफ्ट कॉपी मान्य नहीं होती है।
4. 100% कन्फर्म टिकट पाने के सीक्रेट टिप्स (Pro Tricks for Guaranteed Slot)
चूंकि हर दिन केवल कुछ सौ ऑनलाइन स्लॉट्स ही ओपन होते हैं और वेबसाइट पर हज़ारों लोग बैठे होते हैं, स्लॉट 30 सेकंड से 1 मिनट के अंदर फुल हो जाते हैं। अगर आपको कन्फर्म टिकट चाहिए, तो इन ‘प्रो टिप्स’ का इस्तेमाल करें:
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30 दिन के गणित को समझें: मान लीजिए आपको 15 अक्टूबर को दर्शन करने हैं। इसकी बुकिंग 15 सितंबर की रात 11:59 PM पर नहीं, बल्कि ठीक 30 दिन पहले की रात को खुलेगी। तारीखों की गणना ध्यान से करें।
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11:55 PM पर सिस्टम पर बैठें: रात के ठीक 12:00:00 बजे रिफ्रेश करें। पोर्टल ठीक आधी रात को नए दिन के लिए खुलता है।
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ऑटो-फिल (Auto-fill) और नोटपैड का इस्तेमाल: नाम, उम्र, आधार नंबर— ये सब टाइप करने में बहुत समय बर्बाद होता है। इन सभी डिटेल्स को पहले से एक Notepad में टाइप करके रखें ताकि आप तुरंत Copy (Ctrl+C) और Paste (Ctrl+V) कर सकें।
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फोटो रिसाइज़ की समस्या: 90% लोगों का फॉर्म इसलिए अटक जाता है क्योंकि उनकी फोटो 50kb से बड़ी होती है और वेबसाइट एरर दे देती है। पहले से ही किसी ऑनलाइन टूल से फोटो और ID का साइज कम करके एक फोल्डर में रेडी रखें।
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तेज़ इंटरनेट (Fast Internet): मोबाइल के बजाय ब्रॉडबैंड/वाई-फाई से जुड़े लैपटॉप या पीसी (PC) का इस्तेमाल करें।
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पेमेंट में देरी न करें: कार्ड नंबर डालने में 1 मिनट लग जाता है, तब तक स्लॉट कोई और ले सकता है। पेमेंट पेज पर सीधे UPI QR Code जेनरेट करें और अपने फोन से स्कैन करके सेकंडों में पेमेंट कर दें।
5. भस्म आरती के लिए सख्त ड्रेस कोड (Mandatory Dress Code Rules)
महाकाल मंदिर में भस्म आरती की सबसे बड़ी शर्त इसका ड्रेस कोड है। अगर आपने कन्फर्म टिकट ले ली है, लेकिन ड्रेस कोड नहीं पहना है, तो आपको गर्भगृह के पास (नंदी मंडपम या गणेश मंडपम) बैठने नहीं दिया जाएगा। आपको बहुत दूर बैरिकेड्स के पीछे खड़ा कर दिया जाएगा।
| श्रद्धालु (Category) | अनिवार्य ड्रेस (Mandatory Dress Code) | क्या पहनना सख्त मना है? (Not Allowed) |
| पुरुष (Men) | सूती धोती और सोला (गमछा): धोती बिना सिलाई की होनी चाहिए। ऊपर शर्ट नहीं पहननी है, सिर्फ सूती कपड़ा (सोला) लपेटना है। | पैंट, शर्ट, टी-शर्ट, जींस, कुर्ता, पजामा, बेल्ट, जैकेट। |
| महिलाएं (Women) | भारतीय पारंपरिक साड़ी: पल्लू या घूंघट के साथ साड़ी पहनना अनिवार्य है। | सलवार-सूट, लेगिंग, जींस, टॉप, वेस्टर्न कपड़े, स्कर्ट। |
| बच्चे (Children) | लड़के धोती पहन सकते हैं। छोटी लड़कियां हाफ साड़ी या लहँगा पहन सकती हैं (उम्र के अनुसार)। | शॉर्ट्स, जींस, फैंसी या वेस्टर्न कपड़े। |
ड्रेस कहाँ से लें?
आपको अपने शहर से ये कपड़े खरीदकर ले जाने की ज़रूरत नहीं है। उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर, हरसिद्धि मार्ग और राम घाट के आसपास सैकड़ों दुकानें हैं जहाँ से आप ₹200 से ₹400 में नई धोती-सोला खरीद सकते हैं। कई दुकानदार इसे किराये (Rent) पर भी देते हैं।
विशेष टिप: आरती के समय जब भगवान शिव पर भस्म चढ़ाई जा रही होती है, तो महिलाओं को अपने चेहरे पर पल्लू (घूंघट) लेने के लिए कहा जाता है। इसका कारण यह है कि उस समय शिव अपने सबसे उग्र रूप में होते हैं, और उस रूप को सीधे देखने की मनाही होती है।
6. मंदिर के अंदर की व्यवस्था: नंदी हॉल और गणेश मंडपम (Inside the Temple Experience)
जब आप रात 1:00 बजे मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो आपकी टिकट और ओरिजिनल आईडी स्कैन की जाती है। मंदिर के अंदर बैठने के लिए अलग-अलग सेक्शन बने हुए हैं। आपको कहाँ बैठने मिलेगा, यह आपके प्रवेश के समय (आप लाइन में कितने आगे हैं) पर निर्भर करता है:
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नंदी मंडपम (Nandi Mandapam): यह गर्भगृह के ठीक सामने का हिस्सा है। यहाँ से आरती बिल्कुल स्पष्ट दिखती है। जो लोग रात 12 बजे से ही गेट पर लाइन में लग जाते हैं और जिनका ड्रेस कोड बिल्कुल सही होता है, उन्हें यहाँ जगह मिलने की संभावना सबसे ज़्यादा होती है।
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गणेश मंडपम (Ganesh Mandapam): यह नंदी हॉल के पीछे का बड़ा प्रांगण है। ऑनलाइन और ऑफलाइन टिकट वाले ज़्यादातर श्रद्धालुओं को यहीं बैठाया जाता है। यहाँ महिलाओं और पुरुषों के बैठने की व्यवस्था अलग-अलग (बैरिकेड्स लगाकर) होती है।
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कार्तिकेय मंडपम (Kartikeya Mandapam): जब नीचे के हॉल भर जाते हैं, तो श्रद्धालुओं को ऊपर कार्तिकेय मंडपम में भेजा जाता है। यहाँ से दर्शन के लिए बड़ी LED स्क्रीन्स लगाई गई हैं।
जल अभिषेक:
भस्म आरती शुरू होने से पहले, जो श्रद्धालु धोती और साड़ी में होते हैं, उन्हें लाइन में लगाकर गर्भगृह के नज़दीक से भगवान शिव को जल चढ़ाने का मौका दिया जाता है।
7. क्या मंदिर के अंदर कुछ ले जाना मना है? (Prohibitions & Security Rules)
भस्म आरती के दौरान सुरक्षा और आध्यात्मिकता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रबंधन ने कई चीज़ों पर प्रतिबंध लगाया हुआ है:
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मोबाइल फोन और कैमरा: मंदिर के अंदर किसी भी प्रकार का मोबाइल फोन या इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त मना है। आपको अपना फोन मंदिर के बाहर बने फ्री क्लॉक रूम (Lockers) में जमा करना होगा। (सुझाव: बेहतर होगा कि आप अपना फोन और कीमती सामान होटल के कमरे में ही छोड़कर आएं ताकि लॉकर की लाइन में लगने का समय बच सके)।
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चमड़े का सामान: लेदर बेल्ट, चमड़े का पर्स (Wallet), या लेदर बैग अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।
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बाहर का जल या प्रसाद: भस्म आरती के समय बाहर से लाया गया दूध, जल या प्रसाद शिवलिंग पर चढ़ाने की अनुमति नहीं होती है। जल की व्यवस्था मंदिर द्वारा अंदर ही की जाती है।
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शस्त्र: किसी भी प्रकार का नुकीला सामान या हथियार ले जाना प्रतिबंधित है।
8. अगर ऑनलाइन बुकिंग न मिले तो क्या करें? (Offline / Tatkal Booking Process)
अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपको ऑनलाइन टिकट नहीं मिल पाती है, तो आपको निराश होने की ज़रूरत नहीं है। मंदिर समिति रोज़ाना कुछ कोटा ऑफलाइन (तत्काल) बुकिंग के लिए भी रखती है।
ऑफलाइन बुकिंग कैसे करें?
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उज्जैन पहुँचने के बाद, दर्शन से ठीक एक दिन पहले सुबह आपको भस्म आरती काउंटर (महाकाल प्रशासकीय कार्यालय या महाकाल लोक के पास) जाना होगा।
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सुबह 8:00 बजे से फॉर्म बंटना शुरू होते हैं, जिसके लिए लोग सुबह 5 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं।
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आपको फॉर्म में सभी सदस्यों की डिटेल भरनी होगी और सबके आधार कार्ड की फोटोकॉपी अटैच करके वहीं काउंटर पर जमा करनी होगी।
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शाम को 5:00 से 7:00 बजे के बीच एक कम्प्यूटरीकृत लॉटरी (Random Draw) निकाली जाती है।
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अगर आपका नाम सेलेक्ट हो जाता है, तो आपके नंबर पर एक SMS आएगा।
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SMS आने के बाद रात 8:00 से 10:30 बजे के बीच आपको दोबारा उसी काउंटर पर जाकर, अपनी ओरिजिनल ID दिखाकर और पेमेंट (₹200 प्रति व्यक्ति) करके अपना प्रिंटेड पास कलेक्ट करना होगा।
(यह प्रक्रिया थोड़ी मेहनत वाली है और इसमें भाग्य का रोल ज़्यादा होता है, लेकिन हज़ारों लोगों को रोज़ाना इसी तरीके से दर्शन मिलते हैं।)
9. श्री महाकाल लोक कॉरिडोर: यात्रा का अतिरिक्त आनंद (Shri Mahakal Lok Corridor)
भस्म आरती खत्म होने के बाद जब आप सुबह 5:30 या 6:00 बजे मंदिर से बाहर निकलेंगे, तो आपके सामने भारत का सबसे भव्य आध्यात्मिक परिसर ‘श्री महाकाल लोक (Shri Mahakal Lok)’ होगा।
लगभग 900 मीटर लंबे इस कॉरिडोर में शिव पुराण की कथाओं को दर्शाती हुई भगवान शिव की 190 से ज़्यादा विशाल और मनमोहक मूर्तियां स्थापित हैं। इसके अलावा 108 शिव स्तंभ, सप्तऋषि प्लाज़ा और खूबसूरत रुद्र सागर झील यहाँ के आकर्षण का केंद्र हैं। सुबह की ताज़ा हवा में इस कॉरिडोर में घूमना आपकी आत्मा को तृप्त कर देगा।
10. उज्जैन कैसे पहुँचें? (How to Reach Ujjain?)
उज्जैन (मध्य प्रदेश) देश के सभी प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी रखता है:
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हवाई मार्ग (Flight): उज्जैन का सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा इंदौर का देवी अहिल्या बाई होल्कर एयरपोर्ट (Indore Airport – IDR) है, जो यहाँ से मात्र 55 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से आपको उज्जैन के लिए डायरेक्ट एसी बसें (Chartered Bus) और प्राइवेट टैक्सी आसानी से मिल जाएंगी (सफर का समय: 1 घंटा 15 मिनट)।
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रेल मार्ग (Train): उज्जैन जंक्शन (UJN) भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में से एक है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, बनारस और दक्षिण भारत से यहाँ के लिए ढेरों सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं। रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर की दूरी सिर्फ 2 किलोमीटर है।
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सड़क मार्ग (Road): उज्जैन बेहतरीन स्टेट और नेशनल हाईवे (NH 52) से जुड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान से यहाँ के लिए लग्ज़री स्लीपर बसें नियमित रूप से चलती हैं।
कहाँ ठहरें? (Where to Stay):
चूंकि भस्म आरती के लिए आपको रात 1 बजे मंदिर पहुँचना होता है, इसलिए कोशिश करें कि आपका होटल महाकाल मंदिर के 500 से 800 मीटर के दायरे में हो। राम घाट मार्ग, हरसिद्धि मार्ग और बेगम बाग इलाके में हर बजट (₹800 से ₹5000 तक) के बेहतरीन होटल्स और धर्मशालाएं उपलब्ध हैं।
उज्जैन के राजा केवल एक हैं— बाबा महाकाल! उनकी भस्म आरती में शामिल होना जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। जहाँ एक तरफ शिव का वैरागी रूप आपको जीवन की सच्चाई (भस्म) से रूबरू कराता है, वहीं उनकी आरती की दिव्यता आपके भीतर एक नई ऊर्जा का संचार करती है।
2026 में ऑनलाइन बुकिंग के नए नियमों ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया है। अगर आप ऊपर बताई गई ट्रिक्स (तेज़ इंटरनेट, फोटो रिसाइज़ और ऑटो-फिल) का इस्तेमाल करेंगे, तो आपको 100% कन्फर्म टिकट ज़रूर मिलेगी। अपनी यात्रा की योजना अच्छे से बनाएं, ड्रेस कोड का कड़ाई से पालन करें और उज्जैन की गलियों में शिव भक्ति का आनंद लें।
जय श्री महाकाल!
(FAQs) – भस्म आरती बुकिंग से जुड़े सवाल
Q1. क्या भस्म आरती ऑनलाइन बुकिंग के लिए कोई शुल्क लगता है?
Ans. जी हाँ, मंदिर समिति द्वारा अब भस्म आरती ऑनलाइन एडवांस बुकिंग के लिए ₹200 प्रति व्यक्ति का सहयोग (भेंट) शुल्क निर्धारित किया गया है, जो आपको बुकिंग करते समय ऑनलाइन ही पे करना होता है।
Q2. भस्म आरती की बुकिंग कितने दिन पहले शुरू होती है?
Ans. ऑनलाइन एडवांस बुकिंग आपकी दर्शन की तारीख से ठीक 30 दिन पहले शुरू होती है। नया स्लॉट हर रात ठीक 12:00 बजे (Midnight) को वेबसाइट पर ओपन किया जाता है।
Q3. अगर मेरे पास सूती धोती नहीं है, तो क्या मैं पैंट-शर्ट में भस्म आरती देख सकता हूँ?
Ans. नहीं। भस्म आरती के दौरान गर्भगृह के नज़दीक (नंदी या गणेश मंडपम में) बैठने और जल चढ़ाने के लिए पुरुषों को सूती धोती-सोला और महिलाओं को साड़ी पहनना 100% अनिवार्य है। बिना ड्रेस कोड के आपको बहुत दूर से दर्शन करने होंगे।
Q4. मेरे बच्चे की उम्र 10 साल है, क्या उसके लिए भी अलग से भस्म आरती पास लगेगा?
Ans. जी हाँ, सुरक्षा और क्षमता को देखते हुए बच्चों के लिए भी पास बुक करना अनिवार्य होता है। आप फॉर्म भरते समय “Add Devotee” में जाकर उनकी जानकारी (आधार या स्कूल आईडी) दर्ज कर सकते हैं।
Q5. क्या मैं मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाकर भस्म आरती का वीडियो बना सकता हूँ?
Ans. बिल्कुल नहीं। मंदिर के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैमरा या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाना सख्त प्रतिबंधित है। भस्म आरती की रिकॉर्डिंग करना कानूनी और धार्मिक दोनों रूप से मना है। आपको अपना फोन बाहर लॉकर में जमा करना होगा।