Ujjain Mahakal Darshan Guide 2026: भस्म आरती, बुकिंग, और महाकाल लोक (A to Z Guide)

“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का!”

मध्य प्रदेश के उज्जैन (अवंतिका) में मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के तट पर विराजमान श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनी हिंदुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एकमात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग होने के कारण महाकाल का महत्व सबसे अलग है। यहाँ प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने, उनके अलौकिक स्वरूप के दर्शन करने और दिव्य भस्म आरती का हिस्सा बनने आते हैं।

अगर आप 2026 में अपने परिवार या दोस्तों के साथ उज्जैन जाने की योजना बना रहे हैं, तो बिना सही जानकारी के आपकी यात्रा थकाऊ हो सकती है। महाकाल लोक (Mahakal Lok Corridor) के निर्माण और नई दर्शन व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद, उज्जैन यात्रा का तरीका काफी बदल गया है।

इस विस्तृत (A to Z) महाकाल दर्शन गाइड में हम आपको मंदिर के इतिहास, दर्शन के प्रकार (VIP और सामान्य), भस्म आरती की बुकिंग, रुकने की व्यवस्था, महाकाल लोक, और 2 दिन के बेस्ट इटिनरेरी (Itinerary) की पूरी जानकारी देंगे।

1. श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: महत्व और इतिहास

उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका कहा जाता था, सप्तपुरियों (सात पवित्र मोक्षदायी शहरों) में से एक है।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, दूषण नाम के राक्षस ने जब अवंतिका के ब्राह्मणों और प्रजा पर अत्याचार करना शुरू किया, तब भगवान शिव ने धरती फाड़कर महाकाल के रूप में दर्शन दिए और उस राक्षस का वध किया। ब्राह्मणों की प्रार्थना पर भगवान शिव हमेशा के लिए वहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हो गए।

महाकाल की तीन विशेष बातें जो इन्हें अद्वितीय बनाती हैं:

  • दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग: तंत्र शास्त्र में दक्षिण दिशा को यम (मृत्यु) की दिशा माना गया है। महाकाल अकाल मृत्यु को टालने वाले देव हैं, इसलिए उनका मुख दक्षिण की ओर है।

  • भस्म आरती: यह दुनिया का एकमात्र शिव मंदिर है जहाँ भगवान शिव को सुबह-सुबह ताजी भस्म (राख) रमाई जाती है, जो जीवन की नश्वरता का प्रतीक है।

  • उज्जैन के राजा: मान्यता है कि उज्जैन का केवल एक ही राजा है, और वो हैं बाबा महाकाल। आज भी कोई मुख्यमंत्री या राजा उज्जैन शहर में रात नहीं रुकता, क्योंकि एक राज्य में दो राजा नहीं रह सकते।

2. उज्जैन यात्रा का सही समय (Best Time to Visit Ujjain)

उज्जैन में दर्शन तो साल भर होते हैं, लेकिन मौसम और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से कुछ महीने विशेष होते हैं।

  • अक्टूबर से मार्च (सर्दियों का मौसम): यह उज्जैन घूमने का सबसे बेहतरीन समय है। मौसम सुहावना रहता है, जिससे मंदिर की लाइनों में खड़े होने और महाकाल लोक में पैदल घूमने में थकान कम होती है।

  • जुलाई से अगस्त (सावन का महीना): शिव भक्तों के लिए सावन से बड़ा कोई त्योहार नहीं। सावन सोमवार के दिन यहाँ महाकाल की शाही सवारी निकलती है, जिसे देखना एक अद्भुत अनुभव है। हालांकि, इस दौरान रिकॉर्ड तोड़ भीड़ होती है।

  • फरवरी-मार्च (महाशिवरात्रि 2026): शिवरात्रि के दौरान महाकाल मंदिर में “शिव नवरात्रि” मनाई जाती है। यह समय आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा होता है, लेकिन भीड़ के लिए आपको मानसिक रूप से तैयार रहना होगा।

बजट टिप: अगर आप कम बजट में और शांति से दर्शन करना चाहते हैं, तो अप्रैल से जून की भीषण गर्मियों या वीकेंड (शनिवार-रविवार) को छोड़कर किसी भी आम दिन (Weekdays) उज्जैन जाएं।

3. उज्जैन कैसे पहुँचें? (How to Reach Ujjain)

उज्जैन देश के मध्य भाग में स्थित है, इसलिए यहाँ पहुँचना काफी आसान है।

हवाई मार्ग (By Air)

उज्जैन में अपना कोई कमर्शियल एयरपोर्ट नहीं है।

  • सबसे नजदीकी एयरपोर्ट देवी अहिल्याबाई होल्कर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंदौर (IDR) है।

  • एयरपोर्ट से उज्जैन की दूरी लगभग 55 किलोमीटर है।

  • एयरपोर्ट से आप प्रीपेड टैक्सी (लगभग ₹1500 – ₹2000) ले सकते हैं या फिर इंदौर के सरवटे बस स्टैंड से उज्जैन के लिए चार्टर्ड एसी बस (₹150 – ₹250) ले सकते हैं। सफर में लगभग 1 से 1.5 घंटे लगते हैं।

रेल मार्ग (By Train)

  • उज्जैन जंक्शन (UJN) देश के सभी प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और अहमदाबाद से सीधी ट्रेनों द्वारा जुड़ा हुआ है।

  • महाकाल मंदिर रेलवे स्टेशन से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर है। आप स्टेशन के बाहर से ई-रिक्शा या ऑटो (₹50-₹100) लेकर सीधे मंदिर पहुँच सकते हैं।

सड़क मार्ग (By Road)

  • उज्जैन शानदार हाईवे नेटवर्क से जुड़ा है। आप मध्य प्रदेश, राजस्थान या महाराष्ट्र से अपनी गाड़ी या वॉल्वो बस के जरिए आसानी से आ सकते हैं।

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4. महाकाल मंदिर दर्शन का समय और आरती का शेडयूल

मंदिर के कपाट सुबह भस्म आरती से पहले खुल जाते हैं और रात को शयन आरती के बाद बंद होते हैं।

आरती / पूजन का प्रकार (Aarti Type) समय (Timings) महत्व (Significance)
भस्म आरती (Bhasma Aarti) सुबह 4:00 से 6:00 बजे भगवान शिव को जगाने और भस्म चढ़ाने की पहली आरती।
दद्योदक आरती (Dadyodak Aarti) सुबह 7:00 से 7:45 बजे बाबा को दही और चावल का भोग लगाया जाता है।
भोग आरती (Bhog Aarti) सुबह 10:00 से 10:45 बजे दिन का मुख्य भोग भगवान को अर्पित किया जाता है।
संध्या पूजन (Sandhya Pujan) शाम 5:00 से 5:45 बजे शाम की वेला में भगवान का भव्य श्रृंगार।
संध्या आरती (Sandhya Aarti) शाम 7:00 से 7:45 बजे नगाड़े और डमरू की गूंज के साथ महा आरती।
शयन आरती (Shayan Aarti) रात 10:30 बजे भगवान को सुलाने की अंतिम आरती (इसके बाद मंदिर बंद)।

(नोट: आरती के समय सामान्य और VIP दर्शन की लाइनें कुछ समय के लिए रोक दी जाती हैं।)

5. दर्शन के प्रकार और बुकिंग की जानकारी (Darshan & VIP Booking)

उज्जैन यात्रा की सबसे बड़ी चुनौती दर्शन की लाइन होती है। आपके पास समय और बजट के अनुसार 3 मुख्य विकल्प मौजूद हैं:

1. सामान्य दर्शन (General Free Darshan)

  • शुल्क: बिल्कुल मुफ्त।

  • प्रवेश: मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर या गेट नंबर 4 (भीड़ के अनुसार)।

  • समय: सामान्य दिनों में 2 से 3 घंटे, त्योहारों पर 5 से 8 घंटे।

  • अनुभव: आपको नंदी हॉल के पीछे से दर्शन कराए जाते हैं।

2. शीघ्र दर्शन / VIP पास (₹250 Ticket)

  • शुल्क: ₹250 प्रति व्यक्ति (पीक सीजन में ₹500)।

  • बुकिंग: आधिकारिक वेबसाइट shrimahakaleshwar.mp.gov.in से 2-3 दिन पहले ऑनलाइन बुक करें।

  • प्रवेश: गेट नंबर 4 (महाकाल लोक के पास) से स्पेशल लाइन।

  • फायदा: 30 से 45 मिनट में दर्शन हो जाते हैं। परिवार और बुजुर्गों के लिए यह सबसे बेहतरीन विकल्प है।

3. गर्भगृह दर्शन (Garbh Grah Darshan)

  • अगर आप स्वयं शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाना चाहते हैं, तो आपको गर्भगृह का पास लेना होगा।

  • शुल्क: ₹750 प्रति व्यक्ति।

  • बुकिंग: इसकी बुकिंग सिर्फ ऑफलाइन मंदिर के गेट नंबर 1 के पास मौजूद काउंटर से सुबह 5 बजे से होती है।

  • ड्रेस कोड: गर्भगृह के लिए पुरुषों को सूती धोती-सोला और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है।

6. भस्म आरती: एक अलौकिक अनुभव और बुकिंग प्रक्रिया

उज्जैन आकर अगर आपने बाबा महाकाल की भस्म आरती नहीं देखी, तो आपकी यात्रा अधूरी मानी जाती है। सुबह 4 बजे जब ढोल-नगाड़ों और डमरुओं की गूंज के बीच बाबा को भस्म चढ़ाई जाती है, तो वह दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला होता है।

भस्म आरती बुक कैसे करें?

  • एडवांस ऑनलाइन बुकिंग: यात्रा से 15-30 दिन पहले रात 12 बजे आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग खुलती है। यह बिल्कुल IRCTC के तत्काल टिकट की तरह काम करती है, सीटें 2 मिनट में भर जाती हैं।

  • शुल्क: ₹100 जनरल, ₹200 VIP। (नंदी मंडपम के लिए ₹2000-₹3000)।

  • ऑफलाइन तत्काल बुकिंग: अगर ऑनलाइन टिकट न मिले, तो दर्शन से एक दिन पहले सुबह 8 बजे से भस्म आरती काउंटर पर लाइन में लगें। अपना आधार कार्ड साथ रखें। यहाँ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर लिमिटेड पास बांटे जाते हैं।

भस्म आरती के सख्त नियम:

  • ड्रेस कोड: आरती के दौरान नंदी हॉल या बैरिकेड्स के पास बैठने वाले पुरुषों के लिए बिना सिला हुआ कपड़ा (धोती) और महिलाओं के लिए साड़ी अनिवार्य है।

  • आईडी कार्ड: बिना ओरिजिनल आधार कार्ड के प्रवेश नहीं मिलेगा।

7. श्री महाकाल लोक कॉरिडोर (Shri Mahakal Lok)

दर्शन के बाद आपको “महाकाल लोक” जरूर देखना चाहिए। 900 मीटर लंबा यह कॉरिडोर शिव पुराण की कथाओं को जीवंत करता है।

महाकाल लोक के मुख्य आकर्षण:

  • विशाल मूर्तियां: भगवान शिव के त्रिपुरासुर वध, समुद्र मंथन, शिव तांडव और सती दहन जैसी कथाओं को 200 से अधिक भव्य मूर्तियों के जरिए दर्शाया गया है।

  • 108 स्तंभ: कॉरिडोर में 108 बलुआ पत्थर के नक्काशीदार स्तंभ हैं, जिन पर शिव तांडव की अलग-अलग मुद्राएं बनी हैं।

  • रुद्रसागर झील: कॉरिडोर रुद्रसागर झील के किनारे बसा है। शाम के समय झील के शांत पानी में कॉरिडोर की लाइट्स का रिफ्लेक्शन बेहद खूबसूरत लगता है।

  • घूमने का सबसे अच्छा समय: शाम 6:00 बजे के बाद जाएं। शाम को यहाँ की बेहतरीन लाइटिंग और बैकग्राउंड में बजने वाले शिव स्तोत्र माहौल को दिव्य बना देते हैं।

  • सुविधाएं: यहाँ बैटरी वाली ई-रिक्शा चलती हैं (₹50 किराया), जो बुजुर्गों के लिए बहुत अच्छी हैं।

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8. उज्जैन के अन्य प्रमुख दर्शनीय स्थल (Top Places to Visit in Ujjain)

उज्जैन को मंदिरों का शहर कहा जाता है। महाकाल के अलावा यहाँ कई ऐसे मंदिर हैं जिनका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है:

1. श्री काल भैरव मंदिर (Kaal Bhairav Temple)

  • महत्व: शिव पुराण के अनुसार, महाकाल के दर्शन तब तक पूरे नहीं होते जब तक काल भैरव के दर्शन न किए जाएं। यह शहर के सेनापति हैं।

  • खासियत: दुनिया का यह एकमात्र ऐसा मंदिर है जहाँ भगवान को साक्षात मदिरा (शराब) का भोग लगाया जाता है। पुजारी एक प्लेट में शराब डालते हैं और मूर्ति उसे पी लेती है।

2. हरसिद्धि माता मंदिर (Harsiddhi Temple)

  • महत्व: यह भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यताओं के अनुसार, यहाँ माता सती की कोहनी गिरी थी।

  • खासियत: मंदिर प्रांगण में दो विशाल दीप स्तंभ हैं। शाम की आरती के समय जब इन दोनों स्तंभों के 1011 दीये एक साथ जलाए जाते हैं, तो वह दृश्य देखने लायक होता है।

3. श्री मंगलनाथ मंदिर (Mangalnath Temple)

  • महत्व: मत्स्य पुराण के अनुसार, यह स्थान मंगल ग्रह (Planet Mars) की जन्मस्थली है। पूरे विश्व में इसे कर्क रेखा (Tropic of Cancer) का केंद्र माना जाता है।

  • क्या करें: जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष है, वे यहाँ भात पूजा (चावल की पूजा) करवाने आते हैं।

4. सांदीपनि आश्रम (Sandipani Ashram)

  • महत्व: यह वह पवित्र गुरुकुल है जहाँ द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण, उनके भाई बलराम और मित्र सुदामा ने महर्षि सांदीपनि से 64 दिनों में 64 कलाओं का ज्ञान प्राप्त किया था।

  • खासियत: यहाँ आप वो स्लेट देख सकते हैं जिस पर भगवान कृष्ण ने अंक लिखे थे।

5. राम घाट (Shipra River)

  • महत्व: राम घाट शिप्रा नदी का सबसे प्रमुख घाट है। कुंभ मेला (सिंहस्थ) यहीं लगता है।

  • क्या करें: शाम के समय यहाँ होने वाली शिप्रा आरती में जरूर शामिल हों। गंगा आरती की तरह ही यह आरती मन को बहुत शांति देती है।

9. कहाँ रुकें और क्या खाएं? (Accommodation & Food in Ujjain)

रुकने की व्यवस्था (Where to Stay)

उज्जैन में सभी बजट के यात्रियों के लिए विकल्प मौजूद हैं। मंदिर के 1-2 किलोमीटर के दायरे में ही रुकना सबसे अच्छा रहता है।

  • धर्मशालाएं और आश्रम (₹300 – ₹800): महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की अपनी धर्मशाला (जैसे महर्षि सांदीपनि भक्त निवास) है, जहाँ कम दाम में अच्छे कमरे मिलते हैं। इसके अलावा शहर में सैकड़ों प्राइवेट धर्मशालाएं हैं।

  • बजट होटल्स (₹1000 – ₹2500): हरिफाटक ब्रिज और राम घाट के आस-पास कई शानदार बजट होटल्स उपलब्ध हैं।

  • लग्जरी होटल्स (₹3000+): यदि आप प्रीमियम स्टे चाहते हैं, तो Anjushree, Rudraksh Club & Resort, और Hotel Abika Elite जैसे बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं।

स्थानीय भोजन (Local Food & Street Food)

मालवा क्षेत्र का खाना पूरे भारत में मशहूर है। उज्जैन आएं तो ये चीजें जरूर ट्राई करें:

  • पोहा-जलेबी: उज्जैन की सुबह की शुरुआत गर्मागर्म पोहे और रसीली जलेबी से होती है। टावर चौक के पास इसके बेहतरीन स्टॉल्स लगते हैं।

  • दाल-बाफला: यह राजस्थानी दाल-बाटी का मालवी वर्जन है, जिसे खूब सारे देसी घी के साथ परोसा जाता है।

  • स्ट्रीट फूड: रात के समय क्षीर सागर या फ्रीगंज इलाके में जाएं और पाव भाजी, चाट, और रबड़ी फालूदा का आनंद लें।

10. उज्जैन यात्रा का 2 दिन का इटिनरेरी (2 Days 1 Night Itinerary)

अगर आपके पास वीकेंड का समय है, तो अपनी यात्रा को इस तरह प्लान करें:

Day 1 (पहला दिन): बाबा महाकाल के नाम

  • सुबह 6:00 AM: होटल में चेक-इन करें और नहाकर तैयार हो जाएं।

  • सुबह 7:00 AM: सीधे महाकालेश्वर मंदिर जाएं। (VIP पास पहले से बुक रखें)।

  • सुबह 9:00 AM: दर्शन के बाद नाश्ता (पोहा-जलेबी) करें।

  • सुबह 10:30 AM: हरसिद्धि माता मंदिर और बड़ा गणेश मंदिर के दर्शन करें (ये महाकाल मंदिर के बिल्कुल पास हैं)।

  • दोपहर 1:00 PM: लंच (दाल-बाफला) करें और होटल में आराम करें।

  • शाम 4:30 PM: मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम के दर्शन के लिए निकलें।

  • शाम 6:30 PM: राम घाट पर शिप्रा आरती का हिस्सा बनें।

  • रात 8:00 PM: महाकाल लोक की भव्यता को रात की रौशनी में निहारें।

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Day 2 (दूसरा दिन): भैरव दर्शन और वापसी

  • सुबह 4:00 AM: (अगर आपकी भस्म आरती बुक है तो उसमें शामिल हों)।

  • सुबह 9:00 AM: नाश्ता करके काल भैरव मंदिर के लिए निकलें।

  • सुबह 11:00 AM: गढ़कालिका मंदिर और भर्तृहरी की गुफाएं (Bhartrihari Caves) देखें।

  • दोपहर 2:00 PM: स्थानीय बाजार (लोकल मार्केट) से सिंदूर, रुद्राक्ष, या शिप्रा के जल की खरीदारी करें।

  • शाम 4:00 PM: अपनी वापसी की ट्रेन या फ्लाइट के लिए स्टेशन/एयरपोर्ट रवाना हों।

11. उज्जैन यात्रा के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें (Important Travel Tips)

आपकी यात्रा सुरक्षित और सुखद रहे, इसके लिए कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. मोबाइल और कैमरा बैन: महाकाल मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल, स्मार्टवॉच, और कैमरे ले जाना पूरी तरह से बैन है। मंदिर के बाहर फ्री क्लॉकरूम/लॉकर बने हैं, लेकिन बेहतर होगा कि आप अपना कीमती सामान होटल में ही छोड़ दें।

  2. दलालों (Touts) से बचें: स्टेशन और मंदिर के बाहर आपको कई ऑटो वाले या पंडित मिलेंगे जो 500 रुपये में “स्पेशल दर्शन” कराने का दावा करेंगे। इन पर बिल्कुल भरोसा न करें। महाकाल में सारी बुकिंग्स ऑनलाइन और पारदर्शी हैं।

  3. ऑटो का किराया: शहर में घूमने के लिए ऑटो वाले मनमाना किराया मांग सकते हैं। हमेशा मीटर से या पहले से किराया फिक्स करके ही बैठें। ई-रिक्शा सस्ते और सुविधाजनक विकल्प हैं।

  4. लॉकर की सुविधा: महाकाल लोक के नए फैसिलिटी सेंटर में जूते-चप्पल और सामान रखने के लिए हाई-टेक फ्री लॉकर्स मौजूद हैं, उनका उपयोग करें।

उज्जैन की धरती पर कदम रखते ही हवा में गूंजने वाला ‘हर हर महादेव’ का उद्घोष आपकी सारी थकान मिटा देता है। 2026 में उन्नत सुविधाओं, पारदर्शी ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम और महाकाल लोक कॉरिडोर के बनने से उज्जैन की यात्रा पहले से बहुत अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो गई है।

इस गाइड में दी गई जानकारी (VIP बुकिंग, भस्म आरती नियम, और यात्रा प्लान) का पालन करके आप बिना किसी परेशानी के बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। बस अपनी टिकटें समय पर बुक करें, ठगों से बचें, और भगवान शिव की भक्ति में डूब जाएं।

जय श्री महाकाल!

(FAQs)

Q1. महाकाल मंदिर में मोबाइल फोन रखने की क्या व्यवस्था है?

उत्तर: मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाना सख्त मना है। मंदिर के गेट नंबर 4 (महाकाल लोक) और मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर के पास सुरक्षित और फ्री क्लॉकरूम (लॉकर) की व्यवस्था है जहाँ आप अपना मोबाइल, जूते और बैग रख सकते हैं।

Q2. उज्जैन दर्शन के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं?

उत्तर: उज्जैन के मुख्य मंदिरों (महाकाल, काल भैरव, महाकाल लोक, हरसिद्धि) के अच्छे से दर्शन करने के लिए 2 दिन और 1 रात का समय बिल्कुल पर्याप्त है। अगर आप ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कवर करना चाहते हैं, तो आपको 3 दिन का समय चाहिए होगा।

Q3. क्या महाकाल मंदिर में व्हीलचेयर (Wheelchair) की सुविधा उपलब्ध है?

उत्तर: जी हाँ, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए महाकाल मंदिर और महाकाल लोक दोनों जगह व्हीलचेयर और ई-रिक्शा की सुविधा मुफ्त/न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध है। आप हेल्प डेस्क से इनकी मांग कर सकते हैं।

Q4. उज्जैन में महाकालेश्वर से ओमकारेश्वर की दूरी कितनी है और कैसे जाएं?

उत्तर: उज्जैन से ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी लगभग 140 किलोमीटर है। आप उज्जैन से बस (₹200-₹300) या प्राइवेट टैक्सी (₹3000-₹4000) लेकर 4 घंटे में आसानी से ओमकारेश्वर पहुँच सकते हैं।

Q5. अगर ऑनलाइन भस्म आरती पास नहीं मिलता, तो क्या कोई और तरीका है?

उत्तर: हाँ, अगर एडवांस ऑनलाइन बुकिंग नहीं मिलती, तो आप मंदिर के भस्म आरती काउंटर से “तत्काल ऑफलाइन पास” ले सकते हैं। इसके लिए आपको दर्शन से एक दिन पहले सुबह 8 बजे से लाइन में लगना होगा। इसके अलावा, आप मंदिर के बाहर स्क्रीन पर लाइव आरती भी देख सकते हैं।

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