पश्चिम बंगाल सरकार (Government of West Bengal) द्वारा राज्य के नागरिकों, विशेषकर गरीब और असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) में काम करने वाले मजदूरों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जाती हैं। ऐसी ही एक बेहद महत्वपूर्ण योजना का नाम है ‘WB Prachesta Prakalpa Scheme’ (प्रचेष्टा प्रकल्प योजना)। इस योजना की शुरुआत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) द्वारा की गई थी।
जब पूरे देश में संकट का समय था और लॉकडाउन के कारण लाखों दिहाड़ी मजदूरों (Daily Wage Earners) की रोजी-रोटी छिन गई थी, तब राज्य सरकार ने आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना का खाका तैयार किया था। आज के इस विस्तृत आर्टिकल में हम आपको WB Prachesta Prakalpa Scheme के बारे में गहराई से जानकारी देंगे। हम जानेंगे कि यह योजना क्या है, इसके उद्देश्य क्या थे, कौन इसके लिए पात्र (Eligible) है, आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है और इस योजना का राज्य के मजदूरों पर क्या प्रभाव पड़ा।
अगर आप पश्चिम बंगाल की सरकारी योजनाओं (WB Government Schemes) में रुचि रखते हैं या किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
1. WB Prachesta Prakalpa Scheme (प्रचेष्टा योजना) क्या है?
Prachesta Prakalpa Scheme (जिसे बांग्ला में ‘প্রচেষ্টা প্রকল্প’ कहा जाता है) पश्चिम बंगाल सरकार के श्रम विभाग और वित्त विभाग द्वारा शुरू की गई एक वित्तीय सहायता योजना है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य उन दिहाड़ी मजदूरों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को आर्थिक मदद पहुंचाना है, जिनकी आजीविका किसी भी अप्रत्याशित संकट (जैसे कि COVID-19 महामारी और लॉकडाउन) के कारण पूरी तरह से ठप हो गई थी।
इस योजना के तहत, राज्य सरकार योग्य लाभार्थियों को 1000 रुपये की एकमुश्त (One-time Ex-gratia) वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में (DBT – Direct Benefit Transfer) ट्रांसफर करती है। यह योजना उन लोगों के लिए एक लाइफलाइन साबित हुई, जिनके पास आय का कोई वैकल्पिक और स्थायी स्रोत (Alternative Sustainable Source of Income) नहीं था।
यह केवल एक योजना नहीं थी, बल्कि यह सरकार द्वारा अपने नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण था। राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को जितना हो सके उतना सरल बनाया जाए, जिसके लिए एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन “Prochesta App” भी लॉन्च किया गया।
2. योजना का संक्षिप्त विवरण (Scheme Overview at a Glance)
नीचे दी गई टेबल के माध्यम से आप योजना के मुख्य बिंदुओं को आसानी से समझ सकते हैं:
| योजना का नाम | WB Prachesta Prakalpa Scheme (प्रचेष्टा प्रकल्प) |
| किसने शुरू की | मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल सरकार) |
| लाभार्थी (Beneficiaries) | असंगठित क्षेत्र के मजदूर, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक |
| आर्थिक सहायता राशि | 1000 रुपये (एकमुश्त / One-Time Ex-gratia) |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन (Prochesta App) और ऑफलाइन |
| लाभ का तरीका | सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर (Direct Benefit Transfer – DBT) |
| राज्य | पश्चिम बंगाल (West Bengal) |
| योजना की घोषणा | अप्रैल 2020 (लॉकडाउन के दौरान) |
| आधिकारिक वेबसाइट | prachestawb.in / wb.gov.in (योजना अवधि के दौरान) |
3. WB Prachesta Prakalpa Scheme की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Historical Context)
इस योजना के महत्व को समझने के लिए हमें उस समय की परिस्थितियों को समझना होगा जब इसे लागू किया गया था। साल 2020 की शुरुआत में, पूरी दुनिया ने कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी का सामना किया। भारत में भी संक्रमण को रोकने के लिए सख्त देशव्यापी लॉकडाउन (National Lockdown) लगाया गया था।
असंगठित क्षेत्र पर प्रभाव:
लॉकडाउन का सबसे बुरा असर समाज के सबसे निचले और कमजोर वर्ग पर पड़ा—यानी दिहाड़ी मजदूर (Daily Wagers), रिक्शा चालक, निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूर, स्ट्रीट वेंडर और कारखानों में काम करने वाले दिहाड़ी कर्मचारी। इन लोगों की आय दैनिक आधार पर होती है; जिस दिन काम नहीं, उस दिन कमाई नहीं। लॉकडाउन के कारण रातों-रात इनके रोजगार छिन गए और इनके सामने भुखमरी का संकट पैदा हो गया।
इसी अत्यंत विषम परिस्थिति (Extreme Distress) को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त विभाग ने 10 अप्रैल 2020 को एक नोटिफिकेशन जारी कर Prachesta Scheme की आधिकारिक घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य का कोई भी गरीब मजदूर पैसे के अभाव में भूखा न सोए। सरकार ने इस योजना के साथ ही प्रवासी मजदूरों (Migrant Workers) के लिए “Sneher Porosh” (स्नेहेर परश) नामक एक और योजना भी शुरू की थी।
4. Prachesta Scheme के मुख्य उद्देश्य (Objectives of the Scheme)
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को कुछ विशेष लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया था। योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
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तत्काल आर्थिक राहत: सबसे प्रमुख उद्देश्य उन श्रमिकों को तुरंत वित्तीय मदद (Instant Financial Relief) पहुंचाना था, जिनका काम पूरी तरह से बंद हो गया था।
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भूख और गरीबी से बचाव: बिना किसी आय के जीवनयापन कर रहे मजदूरों को 1000 रुपये की मदद से कम से कम बुनियादी राशन और जरूरी दवाइयां खरीदने में सक्षम बनाना।
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असंगठित क्षेत्र को सहारा: चूंकि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पास कोई प्रोविडेंट फंड (PF) या कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) जैसी सुविधाएं नहीं होती हैं, इसलिए सरकार ने सीधे तौर पर उनके खातों में पैसा भेजने का फैसला किया।
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डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: योजना के लिए ‘Prochesta App’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी गई, ताकि लॉकडाउन के दौरान लोग घर बैठे आवेदन कर सकें और सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन हो सके।
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भ्रष्टाचार मुक्त प्रणाली: लाभ की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने (DBT) से बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह से खत्म हो गई।
5. योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ (Benefits of WB Prochesta Scheme)
Prachesta Prakalpa Scheme के तहत राज्य के पात्र नागरिकों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त हुए:
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1000 रुपये की सीधी नकद सहायता: योजना के तहत चयनित प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में 1000 रुपये की सहायता राशि एकमुश्त जमा की गई।
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मुफ्त आवेदन प्रक्रिया: इस योजना के लिए आवेदन करने का कोई शुल्क नहीं था। ऑफलाइन फॉर्म भी जिलाधिकारी कार्यालयों और नगर निगम कार्यालयों से मुफ्त में उपलब्ध कराए गए थे।
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घर बैठे सुविधा: स्मार्टफ़ोन रखने वाले मजदूर ऑनलाइन पोर्टल या एंड्रॉइड ऐप के माध्यम से घर बैठे आसानी से अपना पंजीकरण कर सकते थे।
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पारिवारिक सुरक्षा: यह योजना परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य (Sole bread-winner) को लक्षित करती है, जिससे पूरे परिवार को संकट की घड़ी में एक छोटा लेकिन अहम सहारा मिला।
6. पात्रता मानदंड: कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)
यह योजना राज्य के सबसे जरूरतमंद लोगों के लिए बनाई गई थी। इसलिए, सरकार ने कुछ सख्त लेकिन स्पष्ट पात्रता शर्तें (Eligibility Criteria) निर्धारित की थीं, ताकि केवल असली हकदारों को ही योजना का लाभ मिल सके।
Prachesta Scheme के लिए पात्रता निम्नलिखित है:
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पश्चिम बंगाल का निवासी: आवेदक का पश्चिम बंगाल का स्थायी निवासी (Permanent Resident) होना अनिवार्य है। अन्य राज्यों के मजदूर जो बंगाल में फंसे थे, उनके लिए सरकार ने अलग योजनाएं बनाई थीं।
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पेशे की प्रकृति: आवेदक को असंगठित क्षेत्र का मजदूर, दिहाड़ी कामगार (Daily wage earner), या ऐसा श्रमिक होना चाहिए जिसकी आजीविका महामारी या किसी अन्य संकट के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गई हो।
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एकमात्र कमाने वाला सदस्य: आवेदक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य (Sole Bread-winner) होना चाहिए।
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आय का कोई अन्य स्रोत नहीं: आवेदक के पास अपनी आजीविका चलाने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक और स्थायी आय का स्रोत (Alternative sustainable source of income) नहीं होना चाहिए।
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गरीबी रेखा (BPL): आमतौर पर यह लाभ उन लोगों को दिया गया जो गरीबी रेखा के नीचे (Below Poverty Line) जीवनयापन कर रहे थे।
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परिवार में एक व्यक्ति: एक परिवार से केवल एक ही सदस्य इस योजना के लिए आवेदन करने का पात्र है।
7. अपात्रता: कौन इस योजना का लाभ नहीं ले सकता? (Who is Not Eligible?)
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि धन का सही वितरण हो, कुछ अपात्रता शर्तें भी रखी थीं। यदि कोई व्यक्ति निम्नलिखित श्रेणियों में आता है, तो वह Prachesta Scheme के लिए पात्र नहीं है:
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कृषि मजदूर: यह योजना उन मजदूरों के लिए नहीं थी जो मुख्य रूप से कृषि कार्य (Agricultural work) में लगे हुए थे। (किसानों के लिए राज्य में ‘कृषक बंधु योजना’ (Krishak Bandhu Scheme) जैसी अन्य योजनाएं हैं)।
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अन्य योजनाओं के लाभार्थी: यदि आवेदक पश्चिम बंगाल सरकार की किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ ले रहा है, तो वह अपात्र होगा। जैसे:
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सामाजिक पेंशन योजना (वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांगता पेंशन)
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मानबिक पेंशन योजना (Manabik Pension Scheme)
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सामाजिक सुरक्षा योजना (SSY / Samajik Suraksha Yojana)
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सरकारी या निजी कर्मचारी: जो लोग किसी भी सरकारी विभाग या संगठित निजी कंपनी में स्थायी कर्मचारी के रूप में काम करते हैं।
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परिवार के अन्य सदस्य: यदि परिवार के किसी एक सदस्य ने आवेदन कर दिया है, तो उसी परिवार का दूसरा सदस्य आवेदन नहीं कर सकता।
8. आवश्यक दस्तावेज (Documents Required for Prachesta Prakalpa)
Prachesta Scheme में आवेदन करने के लिए और अपनी पात्रता साबित करने के लिए आवेदकों के पास निम्नलिखित दस्तावेजों का होना अनिवार्य था:
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पहचान का प्रमाण: आधार कार्ड (Aadhaar Card) या वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card)।
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निवास का प्रमाण (Residence Proof): राशन कार्ड (जैसे Khadyasathi Number), या निवास प्रमाण पत्र।
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आय या व्यवसाय का प्रमाण: दिहाड़ी मजदूर होने का प्रमाण (जैसे Job Card / MGNREGA कार्ड)।
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BPL कार्ड: गरीबी रेखा से नीचे होने का प्रमाण (यदि उपलब्ध हो)।
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बैंक खाते का विवरण (Bank Account Details): एक सक्रिय (Active) बैंक खाते की पासबुक या कैंसल चेक, जिसमें IFSC Code स्पष्ट रूप से लिखा हो। (ध्यान रहे, पैसा सीधे इसी खाते में ट्रांसफर किया जाता है)।
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मोबाइल नंबर: एक चालू मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन और योजना से जुड़े अपडेट के लिए)।
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पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदन फॉर्म के साथ लगाने के लिए।
9. आवेदन की प्रक्रिया (How to Apply for WB Prachesta Scheme?)
पश्चिम बंगाल सरकार ने Prachesta Prakalpa Scheme के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन करने की सुविधा प्रदान की थी, ताकि कोई भी गरीब मजदूर आवेदन करने से वंचित न रहे।
A. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (Prochesta App के माध्यम से)
डिजिटल माध्यम से आवेदन करने के लिए राज्य सरकार ने “Prochesta Prokolpo” नामक एक एंड्रॉइड मोबाइल एप्लिकेशन (Android Mobile Application) लॉन्च किया था। ऑनलाइन आवेदन के चरण निम्नलिखित हैं:
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ऐप डाउनलोड करें: सबसे पहले, आवेदकों को पश्चिम बंगाल सरकार की आधिकारिक वेबसाइट (prachestawb.in) पर जाकर ‘Prochesta App’ का APK फाइल डाउनलोड करना होता था। (ध्यान दें: यह ऐप सीधे Google Play Store पर उपलब्ध नहीं था, इसे सरकारी वेबसाइट से डाउनलोड करना पड़ता था)।
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ऐप इंस्टॉल करें: मोबाइल में ऐप डाउनलोड होने के बाद, “Install from Unknown Sources” की अनुमति देकर ऐप को इंस्टॉल करें।
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मोबाइल नंबर वेरिफिकेशन: ऐप को खोलें और अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें। आपके नंबर पर एक OTP (वन-टाइम पासवर्ड) आएगा। OTP डालकर खुद को रजिस्टर करें।
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भाषा का चयन: ऐप में बंगाली या अंग्रेजी भाषा का चयन करें।
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व्यक्तिगत जानकारी भरें: आवेदन फॉर्म में अपना पूरा नाम, पिता का नाम, लिंग, जन्म तिथि और पूरा पता (जिला, ब्लॉक, पंचायत/नगर पालिका, पिन कोड) भरें।
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दस्तावेज अपलोड करें: अपने आधार कार्ड, वोटर आईडी और जॉब कार्ड (यदि हो) की जानकारी दर्ज करें।
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बैंक खाते की जानकारी: अपने बैंक का नाम, ब्रांच का नाम, अकाउंट नंबर और IFSC Code बिल्कुल सही-सही भरें।
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डिक्लेरेशन (घोषणा): अंत में, आपको एक स्व-घोषणा (Self-declaration) करनी होगी कि आप परिवार के एकमात्र कमाने वाले हैं और आप किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं।
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फॉर्म सबमिट करें: सभी जानकारी चेक करने के बाद “Submit” बटन पर क्लिक करें। आपका आवेदन सफलतापूर्वक जमा हो जाएगा।
B. ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया (Physical Application Form)
ऐसे बहुत से मजदूर थे जिनके पास स्मार्टफोन नहीं था या जिन्हें इंटरनेट का उपयोग करना नहीं आता था। उनके लिए सरकार ने ऑफलाइन फॉर्म की भी व्यवस्था की थी।
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फॉर्म कहां से प्राप्त करें: Prachesta Scheme का आवेदन फॉर्म संबंधित जिलाधिकारी कार्यालय (Office of the District Magistrate) या जिलाधिकारी द्वारा नामित अन्य कार्यालयों से बिल्कुल मुफ्त (Free of Cost) प्राप्त किया जा सकता था। कोलकाता क्षेत्र के लिए, फॉर्म कोलकाता नगर निगम (KMC – Kolkata Municipal Corporation) के आयुक्त कार्यालय से मिलते थे।
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फॉर्म भरना: फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी (नाम, पता, बैंक डिटेल) को पेन से स्पष्ट अक्षरों में भरें।
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दस्तावेज संलग्न करें: भरे हुए फॉर्म के साथ अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक, और राशन कार्ड की फोटोकॉपी (Self-attested) लगाएं।
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फॉर्म जमा करना: फॉर्म को पूरी तरह से तैयार करके वापस उसी कार्यालय में जमा करें जहां से आपने इसे लिया था। ध्यान दें: योजना के तहत बल्क (Bulk – एक साथ भारी मात्रा में) आवेदन स्वीकार नहीं किए गए थे, प्रत्येक व्यक्ति को अपना फॉर्म व्यक्तिगत रूप से जमा करना था।
10. Prachesta Scheme और Sneher Porosh Scheme में क्या अंतर है?
ममता बनर्जी सरकार ने लॉकडाउन के दौरान दो मुख्य योजनाएं एक साथ शुरू की थीं: Prochesta (प्रचेष्टा) और Sneher Porosh (स्नेहेर परश)। अक्सर लोग इन दोनों के बीच कंफ्यूज हो जाते हैं। आइए इनके बीच के मुख्य अंतर को समझते हैं:
| विवरण (Features) | Prachesta Scheme (प्रचेष्टा) | Sneher Porosh Scheme (स्नेहेर परश) |
| किसके लिए है? | असंगठित क्षेत्र के मजदूर जो पश्चिम बंगाल के ही निवासी हैं और यहीं रहते हैं। | वे प्रवासी मजदूर (Migrant Workers) जो पश्चिम बंगाल के निवासी हैं लेकिन देश के अन्य राज्यों में फंसे हुए थे। |
| सहायता राशि | 1000 रुपये | 1000 रुपये |
| मुख्य शर्त | राज्य के भीतर आजीविका का नुकसान होना चाहिए। | व्यक्ति का दूसरे राज्य में फंसा होना अनिवार्य है। |
| आवेदन माध्यम | Prochesta App और ऑफलाइन फॉर्म। | Sneher Porosh App (मुख्यतः ऑनलाइन)। |
इन दोनों योजनाओं ने मिलकर पश्चिम बंगाल के लाखों गरीब और असहाय श्रमिकों को उस दौर में एक बहुत बड़ा संबल प्रदान किया।
11. पश्चिम बंगाल में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का महत्व
WB Prachesta Prakalpa Scheme केवल एक योजना तक सीमित नहीं थी; यह पश्चिम बंगाल सरकार की व्यापक सामाजिक कल्याण रणनीति (Social Welfare Strategy) का हिस्सा थी। राज्य सरकार ‘Samajik Suraksha Yojana’ (BM-SSY), ‘Kanyashree Prakalpa’ (कन्याश्री), ‘Rupashree Prakalpa’ (रूपश्री), और ‘Swasthya Sathi’ (स्वास्थ्य साथी) जैसी कई अन्य योजनाएं भी चलाती है।
Prachesta योजना से यह सीख मिली कि संकट के समय में सरकार कितनी तेजी से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का उपयोग करके लाखों लोगों के बैंक खातों में बिना किसी लीकेज के फंड पहुंचा सकती है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के उपयोग से सरकारी मशीनरी ने यह साबित किया कि आपदा के समय में प्रशासन तेजी से काम कर सकता है।
12. योजना से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्देश (Important Guidelines)
जो भी लाभार्थी इस योजना या ऐसी ही किसी अन्य राज्य सरकारी योजना के लिए आवेदन करते हैं, उन्हें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
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सटीक बैंक जानकारी: वित्तीय सहायता (Financial Assistance) सीधे बैंक खाते में आती है, इसलिए अकाउंट नंबर और IFSC कोड में एक भी अंक की गलती होने पर पैसा अटक सकता है।
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सक्रिय बैंक खाता: बैंक खाता सक्रिय (Active) होना चाहिए। अगर खाते में लंबे समय से लेनदेन नहीं हुआ है (Dormant account), तो पैसे ट्रांसफर होने में समस्या आ सकती है।
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फर्जी वेबसाइट्स से बचें: आवेदन केवल आधिकारिक ऐप या सरकारी वेबसाइट के माध्यम से ही करें। इंटरनेट पर कई फर्जी वेबसाइट्स हो सकती हैं जो आपकी निजी जानकारी चुरा सकती हैं।
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पारदर्शिता: फॉर्म में दी गई जानकारी (जैसे अन्य पेंशन का लाभ न लेना) का सरकारी स्तर पर वेरिफिकेशन किया जाता है। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द (Reject) कर दिया जाता है।
(FAQs) – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. WB Prachesta Prakalpa Scheme के तहत कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है?
Ans. इस योजना के तहत पश्चिम बंगाल के पात्र दिहाड़ी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 1000 रुपये की एकमुश्त (One-time) वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
Q2. क्या मैं Prachesta Scheme और Manabik Pension Scheme दोनों का लाभ एक साथ ले सकता हूँ?
Ans. जी नहीं। योजना की शर्तों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति पश्चिम बंगाल सरकार की किसी अन्य सामाजिक कल्याण या पेंशन योजना (जैसे मानबिक पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, या सामाजिक सुरक्षा योजना – SSY) का लाभार्थी है, तो वह प्रचेष्टा योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकता।
Q3. Prochesta Scheme के लिए आवेदन करने का माध्यम क्या था?
Ans. इस योजना के लिए आवेदन राज्य सरकार द्वारा लॉन्च किए गए ‘Prochesta Prokolpo’ एंड्रॉइड ऐप (ऑनलाइन) के माध्यम से किया जा सकता था। इसके अलावा, जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं था, वे जिलाधिकारी कार्यालय या कोलकाता नगर निगम (KMC) कार्यालय से ऑफलाइन फॉर्म प्राप्त करके भी आवेदन जमा कर सकते थे।
Q4. परिवार से कितने लोग WB Prachesta Scheme के लिए आवेदन कर सकते हैं?
Ans. योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति (जो कि परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य हो) इस सहायता राशि के लिए आवेदन करने का पात्र है।
Q5. Sneher Porosh और Prachesta योजना में क्या बुनियादी फर्क है?
Ans. Prachesta योजना उन दिहाड़ी मजदूरों के लिए थी जो पश्चिम बंगाल में ही रहकर काम करते हैं और संकट (लॉकडाउन) के कारण बेरोजगार हो गए। जबकि Sneher Porosh योजना उन बंगाली प्रवासी मजदूरों (Migrant workers) के लिए थी जो काम के सिलसिले में देश के अन्य राज्यों में गए थे और वहीं फंस गए थे।
WB Prachesta Prakalpa Scheme पश्चिम बंगाल सरकार (Govt of West Bengal) की एक अत्यधिक संवेदनशील और समयोचित पहल थी। जब गरीब मजदूरों के सामने आजीविका का कोई साधन नहीं बचा था, तब 1000 रुपये की यह सहायता उनके लिए संजीवनी के समान थी। हालांकि यह एक विशेष परिस्थिति (COVID-19 महामारी) को ध्यान में रखकर शुरू की गई एकमुश्त सहायता योजना थी, लेकिन इसने भविष्य में असंगठित क्षेत्र (Unorganized Sector) के मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का एक मजबूत ढांचा तैयार करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
पश्चिम बंगाल सरकार की यह कोशिश दर्शाती है कि मुश्किल समय में आम जनता, खासकर गरीब और शोषित वर्ग को सीधे और पारदर्शी तरीके से मदद कैसे पहुंचाई जा सकती है। अगर आप पश्चिम बंगाल के निवासी हैं, तो आपको राज्य सरकार की ‘Samajik Suraksha Yojana’ (SSY) और ‘Swasthya Sathi’ जैसी अन्य योजनाओं के बारे में भी जरूर जानकारी रखनी चाहिए, ताकि भविष्य में आप या आपके आस-पास का कोई भी जरूरतमंद इन सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा सके।
(नोट: यह आर्टिकल केवल सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। सरकारी योजनाओं के नियम, पात्रता और आवेदन की तिथियों में सरकार द्वारा समय-समय पर बदलाव किए जा सकते हैं। नवीनतम और सटीक जानकारी के लिए हमेशा पश्चिम बंगाल सरकार के आधिकारिक पोर्टल wb.gov.in पर विजिट करें।)